रायपुर/छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस प्रशासन और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने ऑनलाइन सट्टे के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे निर्णायक और व्यापक कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस बड़ी कार्रवाई के केंद्र में ऑनलाइन सट्टा जगत का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी रहा, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है; बाबू खेमानी पिछले करीब ढाई साल से अपने भाई करण खेमानी के साथ मिलकर 3Stumps, रेड्डी ग्रुप और बजरंग ग्रुप जैसे कुख्यात ऑनलाइन सट्टा पैनलों का बेखौफ संचालन कर रहा था। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह गिरोह अपनी अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का सहारा लेता था और इसकी आड़ में समाज के हाई-प्रोफाइल और रसूखदार लोगों को सट्टे के जाल में फंसाकर अपने नेटवर्क का विस्तार मुंबई और गोवा जैसे महानगरों तक कर चुका था।

रायपुर पुलिस ने न केवल स्थानीय स्तर पर छापेमारी की, बल्कि मुंबई और गोवा में भी एक साथ दबिश देकर कुल 7 मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया, जिससे इस बड़े पैनल नेटवर्क की कमर पूरी तरह टूट गई है। इस कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 60 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां और उपकरण जब्त किए हैं, जिनमें एक लग्जरी बीएमडब्ल्यू (BMW) कार, 18 आधुनिक मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप और भारी मात्रा में एटीएम कार्ड सहित सट्टे के हिसाब-किताब के पुख्ता दस्तावेज शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी खुलासा ‘म्यूल अकाउंट्स’ (किराए के बैंक खातों) के उपयोग को लेकर हुआ है, जिनके जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया जा रहा था ताकि मुख्य आरोपियों तक पुलिस की पहुंच न हो सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले में अब तक कुल 27 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और अब जांच का दायरा इन बैंक खातों के असली धारकों तथा इस सिंडिकेट के संभावित विदेशी कनेक्शनों तक फैल गया है। वर्तमान में पुलिस की टीमें उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं जो इस सट्टा नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित होने में मदद कर रही थीं, और यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े प्रभावशाली चेहरों का पर्दाफाश हो सकता है। यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है, बल्कि साइबर सुरक्षा और अवैध डिजिटल बैंकिंग के प्रति पुलिस की सतर्कता का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश करती है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

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