सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई में स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट (Vedanta Power Plant) में मंगलवार दोपहर एक भयावह औद्योगिक दुर्घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। प्लांट के यूनिट नंबर-1 में हुए एक जोरदार बॉयलर ब्लास्ट (Boiler Blast) में अब तक 12 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों में से कई की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
दोपहर 2 बजे धमाके से दहला इलाका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 2:00 से 2:30 बजे के बीच जब प्लांट में सामान्य रूप से कार्य चल रहा था, तभी अचानक एक तेज धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बॉयलर फटने के बाद चारों ओर गर्म राख और 1000°C से भी अधिक गर्म भाप का गुबार फैल गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि प्लांट की दीवारें हिल गईं और आसपास काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना के तुरंत बाद प्लांट परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
राहत और बचाव कार्य: मौके पर ही हुई 4 की मौत
हादसे की सूचना मिलते ही सक्ती कलेक्टर अमृत विकास टोपनो और पुलिस अधीक्षक (SP) प्रफुल्ल ठाकुर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य के दौरान 4 मजदूरों के शव मौके से बरामद किए गए, जबकि 8 अन्य ने अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को तत्काल रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल और मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 10 मजदूरों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए बिलासपुर के अपोलो या सिम्स रेफर करने की प्रक्रिया चल रही है। डॉक्टरों के अनुसार, कई मजदूर 80% से अधिक झुलस चुके हैं।
मुआवजे की घोषणा और शासन की सक्रियता
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO): पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय: सीएम ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए जिला प्रशासन को घायलों के नि:शुल्क और सर्वोत्तम इलाज के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया गया है।
परिजनों का हंगामा और सुरक्षा पर सवाल
हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में मजदूरों के परिजन प्लांट के मुख्य द्वार पर जमा हो गए और जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहा था और काफी समय से बॉयलर का रखरखाव (Maintenance) ठीक से नहीं किया गया था। आक्रोशित लोगों ने दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को स्थाई नौकरी देने की मांग की है।
जांच के आदेश: आखिर क्यों फटा बॉयलर?
प्रारंभिक जांच में बॉयलर की ट्यूब फटने (Tube Rupture) और प्रेशर कंट्रोल फेल होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्लांट का संचालन वेदांता लिमिटेड द्वारा किया जाता है, जिसमें रखरखाव का कार्य आउटसोर्सिंग एजेंसी NGSL (NTPC GE Power Services Limited) के पास है। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई बड़ी चूक हुई थी।

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