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पटना/बिहार की राजनीति में पिछले कई दशकों से ‘धुरी’ बने रहे नीतीश कुमार का अध्याय अब एक नए मोड़ पर आकर खड़ा हो गया है। राजधानी पटना की सड़कों से लेकर सत्ता के गलियारों तक, सिर्फ एक ही चर्चा है—बिहार में नई सरकार का स्वरूप क्या होगा? ताज़ा घटनाक्रम और विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल यानी 14 अप्रैल को दोपहर 3:30 बजे राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।
जेडीयू दफ्तर से हटे पोस्टर, बदले संकेत
सियासत में संकेतों का बड़ा महत्व होता है। पटना स्थित जेडीयू (JDU) प्रदेश कार्यालय में लगे वे पोस्टर, जिन पर ’25 से 30 फिर से नीतीश’ लिखा था, उन्हें आज अचानक हटा दिया गया। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी अब नीतीश कुमार के चेहरे से आगे की सोच रही है। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेडीयू के भीतर भी अब नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सहमति बन चुकी है।
कल बैठकों का ‘सुपर संडे’, शाम को होगा बड़ा ऐलान
कल का दिन बिहार के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होने वाला है। दोपहर 2:00 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक ‘अटल सभागार’ में होगी, जबकि ठीक 3:00 बजे जेडीयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इन दोनों अलग-अलग बैठकों के बाद शाम 4:00 बजे एनडीए (NDA) विधायक दल की साझा बैठक होगी। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव प्रभारी और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसी बैठक के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान करेंगे।
सीएम की रेस में कौन है आगे?
वर्तमान परिदृश्य में सम्राट चौधरी का नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरा है। वर्तमान में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभाल रहे सम्राट चौधरी को कुशवाहा समाज का बड़ा नेता माना जाता है और युवाओं के बीच उनकी पकड़ काफी मजबूत है। उनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पटना के शीतला मंदिर और खगड़िया के काली मंदिर में उनके समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए ‘महायज्ञ’ और ‘हवन’ कर रहे हैं।
हालांकि, रेस में सम्राट चौधरी अकेले नहीं हैं। बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता संजीव चौरसिया, दलित चेहरा और एमएलसी जनक राम के नाम भी चर्चा में हैं। इसके अलावा, बीजेपी महिला कार्ड खेलते हुए श्रेयसी सिंह या राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता को भी आगे कर सकती है, जिससे आगामी चुनावों में महिला वोट बैंक को साधा जा सके।
शपथ ग्रहण की तैयारी और पीएम मोदी का दौरा
नई सरकार के गठन की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चल रही है। 15 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे राजभवन में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पटना पहुँच सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, पीएम 14 अप्रैल की रात ही पटना पहुँच जाएंगे। इसे देखते हुए स्टेट हैंगर से लेकर लोकभवन तक के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और बैरिकेडिंग लगा दी गई है।
राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें डीएम, एसपी और एसएसपी शामिल हैं, के साथ बैठक कर सुरक्षा और प्रोटोकॉल की समीक्षा की है। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति एक ऐसी दहलीज पर खड़ी है जहाँ से राज्य की दशा और दिशा पूरी तरह बदलने वाली है। अब देखना यह है कि एनडीए की मुहर किस नाम पर लगती है और नीतीश कुमार की अगली भूमिका क्या होगी।

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