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रायपुर/ छत्तीसगढ़ में सूर्य देव के तेवर अब जानलेवा होने लगे हैं। अप्रैल के मध्य में ही प्रदेश के कई हिस्सों में लू (Heat Wave) ने अपनी दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के मध्य हिस्सों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अगले 3 से 4 दिनों तक राज्य के नागरिकों को भीषण गर्मी और तपती लू का सामना करना पड़ेगा।
राजनांदगांव में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश में गर्मी का सबसे भयावह रूप राजनांदगांव में देखने को मिला है, जहाँ पारा 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। वहीं, पेंड्रारोड में 40.2 डिग्री, बिलासपुर में 41.9 डिग्री और रायपुर में 41.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री रहा, जो फिलहाल राज्य का सबसे कम तापमान है, लेकिन वहां भी दोपहर की तपिश बढ़ने लगी है।
अगले 72 घंटे काफी चुनौतीपूर्ण
मौसम वैज्ञानिक डॉ. गायत्री वीणा के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और आने वाले 3 से 4 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। दुर्ग और रायपुर संभाग में गर्म हवाओं का असर सबसे ज्यादा रहेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है। आसमान साफ रहने और सीधी धूप के कारण ‘हीट इंडेक्स’ बढ़ने से लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस होगी।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी: हीट स्ट्रोक से बचें
लगातार बढ़ते तापमान के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लू (Loo) से बचने के लिए सख्त हिदायत दी है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जब धूप का असर सबसे तीखा होता है, तब बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
सावधानी के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें:
- धूप से सीधा बचाव: यदि बाहर निकलना अनिवार्य हो, तो छतरी, टोपी या तौलिए से सिर को ढक कर रखें। लंबे समय तक तेज धूप के संपर्क में रहने से हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- खान-पान में सतर्कता: इस मौसम में शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) सबसे बड़ी समस्या है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। ओआरएस का घोल, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन लाभदायक है।
- इनसे बचें: बहुत ज्यादा तला-भुना, भारी या बासी भोजन शरीर में गर्मी बढ़ाता है। साथ ही, कोल्ड ड्रिंक और शराब के सेवन से बचें, क्योंकि ये शरीर को अंदर से और ज्यादा डिहाइड्रेट करते हैं।
कृषि और पशुपालन पर असर
भीषण गर्मी का असर न केवल इंसानों पर, बल्कि खेती और मवेशियों पर भी पड़ रहा है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों में शाम या सुबह के समय सिंचाई करें। साथ ही, पशुपालकों को अपने जानवरों को छायादार स्थानों पर रखने और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में इस साल समय से पहले ही पड़ रही यह प्रचंड गर्मी आने वाले मई और जून के महीनों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यदि अभी से एहतियात नहीं बरती गई, तो लू के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

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