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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि प्यार, परिवार और सामाजिक दबाव के बीच उलझती युवाओं की जिंदगी पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। छाल थाना क्षेत्र के ग्राम एडुकला के जंगलों में एक प्रेमी जोड़े ने एक ही फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। मरने से पहले उन्होंने जमीन पर अपनी आखिरी इच्छा लिखी— “हमें एक साथ आग देना।”
पुल निर्माण से शुरू हुई थी प्रेम कहानी
इस कहानी के मुख्य पात्र 20 वर्षीय परमेश्वरी अगरिया और 25 वर्षीय रामकुमार अगरिया थे। इनके प्यार की शुरुआत किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। साल 2024 में एडू के रास्ते में एक नाले पर पुल का निर्माण चल रहा था। रामकुमार वहां मजदूरी करने जाता था, वहीं उसकी मुलाकात रानीखेत की रहने वाली परमेश्वरी से हुई। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के प्यार में गिरफ्तार हो गए। करीब एक साल तक चले इस अफेयर के बाद दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं।
सगाई हुई, पर शादी की शहनाई न बज सकी
दोनों के परिवारों ने उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया था। परमेश्वरी के पिता प्रताप सिंह अगरिया के अनुसार, लगभग 6 महीने पहले लड़के के घरवाले सगाई का रिश्ता लेकर आए थे और बड़ी धूमधाम से दोनों की सगाई संपन्न हुई थी। लेकिन सगाई के बाद खुशियों को जैसे किसी की नजर लग गई। सगाई के बीत जाने के बाद भी शादी की तारीख तय नहीं हो पा रही थी। रामकुमार का परमेश्वरी के घर आना-जाना बना हुआ था, लेकिन शादी की बात आगे न बढ़ने से दोनों के बीच मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा था।
पैसे का विवाद और आर्थिक तंगी
इस सुसाइड मिस्ट्री के पीछे आर्थिक कारणों का एंगल भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि रामकुमार ने नई मोटरसाइकिल खरीदने के नाम पर परिजनों से 20 हजार रुपये लिए थे, लेकिन उसने उनमें से 16 हजार रुपये कहीं और खर्च कर दिए थे। इसके अलावा, वह शादी के खर्चों के लिए अलग से पैसों की मांग कर रहा था। दूसरी तरफ, रामकुमार का परिवार आर्थिक तंगी का हवाला दे रहा था। शायद यही खींचतान और अपनी जरूरतों को पूरा न कर पाने का मलाल रामकुमार को अंदर ही अंदर खा रहा था।
महुआ बीनने वालों ने देखा मंजर
8 अप्रैल की सुबह जब ग्रामीण एडुकला के घने जंगलों में महुआ बीनने के लिए निकले, तो उनकी नजर एक ऊंचे पेड़ पर पड़ी। वहां का नजारा देखकर उनकी रूह कांप गई। एक ही दुपट्टे के फंदे से परमेश्वरी और रामकुमार के शव लटके हुए थे। ग्रामीणों ने तुरंत छाल पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब छानबीन शुरू की, तो पास ही जमीन पर उकेरा गया वह संदेश मिला जिसे पढ़कर हर किसी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने मरते वक्त भी अलग न होने की कसम निभाई थी।
पुलिस जांच और अनसुलझे सवाल
रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने मौके से दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। थाना प्रभारी मदन पाटले का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन मोबाइल रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह सामने आएगी कि आखिर सगाई होने के बावजूद उन्होंने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया।”
समाज के लिए एक चेतावनी
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर क्यों आज की युवा पीढ़ी छोटी-मोटी परेशानियों या आर्थिक दबाव के आगे घुटने टेक रही है। क्या संवाद की कमी या भविष्य का डर इतना बड़ा हो गया कि दो हंसते-खेलते युवाओं को मौत गले लगाना ज्यादा आसान लगा? फिलहाल, पूरे इलाके में इस घटना को लेकर मातम पसरा हुआ है और हर कोई इसी बात की चर्चा कर रहा है कि काश किसी ने वक्त रहते उनके मन की बात पढ़ ली होती।

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