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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सरकारी सेवकों को साल भर में मिलने वाली कुल 254 छुट्टियों के अलावा, विपश्यना ध्यान शिविर में भाग लेने के लिए 12 दिनों का विशेष अवकाश दिया जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का मानना है कि इस पहल से कर्मचारियों का मानसिक तनाव कम होगा, उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और नैतिक मूल्यों में मजबूती आएगी। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
- अधिकारियों और कर्मचारियों को साल भर में पहले से ही 254 छुट्टियाँ मिल रही हैं।
- अब इसमें 12 दिन का अतिरिक्त समय जोड़कर विपश्यना योग के लिए विशेष अनुमति दी गई है।
- राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
नियम और शर्तें: कैसे मिलेगा लाभ?
इस विशेष अवकाश का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों को कुछ प्रक्रियाओं का पालन करना होगा:
- मान्यता प्राप्त केंद्र: कर्मचारी को राज्य के भीतर किसी मान्यता प्राप्त ध्यान केंद्र में शिविर के लिए पंजीकरण कराना होगा।
- आवेदन प्रक्रिया: कर्मचारी को अपने विभाग प्रमुख को आवेदन देकर इसकी सूचना देनी होगी।
- प्रमाण-पत्र अनिवार्य: शिविर खत्म होने के बाद, केंद्र से प्राप्त सहभागिता का प्रमाण-पत्र विभाग को प्रस्तुत करना होगा।
- अनुपस्थिति का डर: यदि प्रमाण-पत्र जमा नहीं किया जाता है, तो उस 12 दिन की अवधि को कार्यदिवस नहीं माना जाएगा और उसे अर्जित अवकाश में से काट लिया जाएगा।
राज्य में सरकारी छुट्टियों का गणित
वर्तमान में छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को एक वर्ष में कुल 254 छुट्टियाँ मिलती हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- सार्वजनिक अवकाश: 28 दिन
- सामान्य छुट्टियाँ: 18 दिन
- ऐच्छिक अवकाश: 03 दिन
- शनिवार-रविवार: 104 दिन
- अर्जित अवकाश (EL): 30 दिन (प्रति वर्ष)
- आकस्मिक अवकाश (CL): 13 दिन
- मेडिकल लीव (ML): 15 दिन (6 महीने में)
क्या है विपश्यना ध्यान?
विपश्यना ध्यान की एक प्राचीन विधि है, जिसे गौतम बुद्ध ने पुनर्जीवित किया था। इसमें व्यक्ति को अपनी सांसों और मन पर ध्यान केंद्रित करना होता है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और धमतरी में विपश्यना केंद्र संचालित हैं, जहाँ 10 दिवसीय आवासीय शिविर आयोजित किए जाते हैं।

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