मुंगेली / मुंगेली के हृदय स्थल सदर बाज़ार से श्री रघुनंदन परिवार के तत्वावधान में आयोजित हनुमान जन्मोत्सव की भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर कर दिया, जहाँ शाम ढलते ही मुंगेली की गलियाँ ‘जय श्री राम’ और ‘वीर हनुमान’ के गगनभेदी जयकारों से गूँज उठीं और संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। इस विराट आयोजन का नेतृत्व आशीष गोयल, विपिन गोयल, पंकज देवांगन, सिद्धार्थ ताम्रकार, छोटू देवांगन, अमन देवांगन, पवन देवांगन और रिंकू गुप्ता जैसे समर्पित सदस्यों ने किया, जिनकी मेहनत ने इस उत्सव को ऐतिहासिक बना दिया। शोभायात्रा का मार्ग सदर बाज़ार से शुरू होकर ओल्ड बस स्टैंड, बलानी चौक, पड़ाव चौक, सिंधी कॉलोनी, नंदी चौक, पटवा पारा और गोल बाज़ार जैसे प्रमुख स्थानों से होते हुए अंततः हनुमान मंदिर में पूर्ण श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।

इस यात्रा का मुख्य आकर्षण फूलों से सजा भव्य रथ और उस पर विराजित बजरंगबली की दिव्य प्रतिमा थी, जिसे देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा; साथ ही बाहुबली हनुमान जी की झांकी, हनुमान जी की पालकी, भव्य राम दरबार और हनुमान जी का दरबार भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। आयोजन समिति ने विशेष रूप से स्थानीय पुलिस प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनके मुस्तैद सहयोग, चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और सुगम यातायात प्रबंधन के कारण हजारों की भीड़ के बावजूद यह शोभायात्रा अत्यंत शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
कार्यक्रम में मनोरंजन और उत्साह का तड़का लगाने के लिए गोरिल्ला और प्रसिद्ध कार्टून पात्र मोटू-पतलू की झांकियां भी शामिल रहीं, जिसने बच्चों का मन मोह लिया। शिव कृपा धुमाल मुंगेली की टीम ने अपनी ऊर्जावान थाप से समां बांध दिया, जिस पर युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी थिरकते नज़र आए, वहीं श्री राम इवेंट मुंगेली के बेहतरीन प्रबंधन ने कार्यक्रम की भव्यता को व्यवस्थित रखा। शहर के मुख्य मार्गों से गुज़रती इस यात्रा का स्थानीय नागरिकों द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा और शीतल पेय वितरण कर आत्मीय स्वागत किया गया, जो मुंगेली की गंगा-जमुनी तहजीब और अटूट श्रद्धा की मिसाल पेश करता है। जैसे-जैसे रात गहराती गई, रंग-बिरंगी लाइटों की चकाचौंध और शानदार आतिशबाजी ने आसमान को रोशन कर शोभायात्रा की भव्यता में चार चाँद लगा दिए। स्थानीय नागरिकों ने आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कामना की कि मुंगेली की इस पावन धरा पर हर साल इसी तरह श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजन होते रहें, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी गौरवशाली संस्कृति और संस्कारों से जुड़ी रहें। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक उत्सव सिद्ध हुआ, बल्कि इसने पूरे शहर को एकता, प्रेम और भाईचारे के सूत्र में पिरो दिया, जिसकी दिव्य स्मृतियाँ लंबे समय तक मुंगेली वासियों के दिलों में ताज़ा रहेंगी और धर्म के प्रति उनकी आस्था को और अधिक प्रगाढ़ करेंगी।

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