मुंगेली। चैत्र मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर संपूर्ण देश के साथ-साथ मुंगेली शहर में भी हनुमान जन्मोत्सव का पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। संकटमोचन हनुमान जी के प्राकट्य दिवस के उपलक्ष्य में शहर के मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक का दौर शुरू हो गया था, लेकिन शाम होते ही शहर की रौनक देखते ही बन रही थी। इस विशेष अवसर पर मुंगेली की प्रमुख सामाजिक संस्था ‘श्री सिद्धि विनायक परिवार सेवा समिति’ द्वारा एक अनोखा और भव्य आयोजन किया गया, जिसने शहरवासियों का दिल जीत लिया।
समिति द्वारा मुंगेली के प्रसिद्ध ठाकुर देव मंदिर, मलाई घाट में ‘भव्य इडली भंडारे’ का आयोजन किया गया। आमतौर पर भंडारों में पूड़ी-सब्जी या खिचड़ी का वितरण किया जाता है, परंतु समिति ने इस बार कुछ नया करते हुए दक्षिण भारतीय व्यंजन ‘इडली’ को प्रसाद के रूप में वितरित करने का निर्णय लिया। यह आयोजन 2 अप्रैल 2024 की शाम 4:00 बजे से प्रारंभ हुआ, जो प्रभु की इच्छा तक निरंतर चलता रहा। जैसे ही शाम के साढ़े चार बजे, मंदिर परिसर में भक्तों और दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देखते ही देखते पूरा मलाई घाट क्षेत्र “जय श्री राम” और “जय हनुमान” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय व्यवसायों और दानदाताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस पुनीत कार्य में बालाजी ट्रेडर्स (छड़, सीमेंट, रेती प्रदाता), आर. के. ब्रिक्स (चिमनी ईंट भट्ठा), शिखा एंटरप्राइजेज (स्काई एक्वा वाटर), दीपक साइकिल स्टोर और निखिल ऑटो कंसल्टेंसी जैसे संस्थानों ने अपना सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इन सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयास से ही हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित ढंग से प्रसाद वितरण सुनिश्चित हो सका। बैनरों और पोस्टरों के माध्यम से इन सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया और सेवादारों की टोली ने पूरी निष्ठा के साथ भक्तों की सेवा की।
इडली भंडारे का आकर्षण इतना अधिक था कि बच्चे, बूढ़े और महिलाएं सभी ने बड़ी कतारों में लगकर प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर की सजावट और विद्युत रोशनी ने वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना दिया था। श्रद्धालुओं का कहना था कि श्री सिद्धि विनायक परिवार सेवा समिति द्वारा किया गया यह प्रयास न केवल धार्मिक है, बल्कि समाज में एकता और सेवा भाव को भी बढ़ावा देता है। समिति के सदस्यों ने बताया कि हनुमान जी सेवा और भक्ति के प्रतीक हैं, और उनके जन्मोत्सव पर नर-सेवा ही नारायण सेवा है, इसी उद्देश्य के साथ हर वर्ष इस तरह के आयोजन किए जाते हैं।
रात गहराने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए समिति के वॉलिंटियर्स ने यातायात को भी सुचारू बनाए रखा ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को कोई असुविधा न हो। अंततः, यह हनुमान जन्मोत्सव मुंगेली के इतिहास में अपनी भव्यता और विशिष्ट इडली भंडारे के कारण लंबे समय तक याद रखा जाएगा। श्री सिद्धि विनायक परिवार सेवा समिति ने इस सफल आयोजन के माध्यम से शहर में भक्ति की एक नई अलख जगाई है।

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