मुंगेली। सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह के साक्षात अवतार, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव वर्ष 2026 में मुंगेली शहर में अभूतपूर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। चैत्र सुदी 13 के पावन अवसर पर आयोजित इस पाँच दिवसीय महोत्सव के अंतिम और मुख्य दिन पूरा शहर ‘त्रिशला नंदन’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठेगा। स्थानीय जैन समाज द्वारा आयोजित इस विशाल धार्मिक अनुष्ठान में न केवल मुंगेली बल्कि आस-पास के क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।
भक्तिमय आयोजनों की श्रृंखला
उत्सव के पांचवें दिन का शुभारंभ प्रातः 6:00 बजे प्रभात फेरी के साथ होगा, जहाँ केसरिया ध्वज लिए श्रद्धालु भजनों की मधुर धुन पर नगर भ्रमण करेंगे। इसके पश्चात प्रातः 7:30 बजे सामूहिक स्नात्र महोत्सव संपन्न होगा, जिसमें प्रभु का अभिषेक किया जाएगा। प्रातः 8:30 बजे शहर का मुख्य आकर्षण भव्य वरघोड़ा (शोभायात्रा) निकलेगा। सुसज्जित हाथी-घोड़ों और बैंड-बाजों के साथ निकलने वाली इस यात्रा में भगवान महावीर की प्रतिमा को रजत पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण कराया जाएगा।
दोपहर के कार्यक्रमों में साधर्मिक वात्सल्य और गोल बाजार में आयोजित विशाल महावीर प्रसादी (भंडारा) मुख्य हैं, जहाँ हज़ारों लोग प्रसाद ग्रहण करेंगे। दोपहर 2:30 बजे षट्कल्याणक पूजा का विधान किया जाएगा। शाम को ‘हाई टी’ के बाद, रात्रि 7:00 बजे निर्माणाधीन दिगंबर मंदिर को 1008 दीपकों से जगमगाया जाएगा, जो दृश्य देखते ही बनेगा। अंत में, रात्रि 8:00 बजे श्री सुमतिनाथ जैन मंदिर में ‘भव्य भक्ति महोत्सव’ का आयोजन होगा, जिसमें ख्यातिप्राप्त भजन गायकों द्वारा प्रभु भक्ति की प्रस्तुति दी जाएगी।
भगवान महावीर: राजपुत्र से ‘जिनेन्द्र’ बनने का सफर
भगवान महावीर का जन्म ईसा से 599 वर्ष पूर्व बिहार के कुंडलपुर में इक्ष्वाकु वंश के राजा सिद्धार्थ और माता त्रिशला के यहाँ हुआ था। बचपन में उनका नाम वर्द्धमान था। राजसी सुख-सुविधाओं के बीच पलने के बावजूद उनका मन आध्यात्मिक शांति की खोज में लगा रहता था। 30 वर्ष की युवावस्था में उन्होंने संसार की नश्वरता को पहचानते हुए राजपाट त्याग दिया और दीक्षा ग्रहण की। 12 वर्षों की मौन और कठोर तपस्या के बाद उन्हें ऋजुपालिका नदी के तट पर ‘केवल ज्ञान’ प्राप्त हुआ। अपनी इंद्रियों को पूरी तरह जीतने के कारण वे ‘जिन’ और अदम्य साहस के कारण ‘महावीर’ कहलाए।

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