बिलासपुर/भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ क्षण ऐसे आते हैं जो आने वाली सदियों की दिशा तय करते हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” एक ऐसा ही ऐतिहासिक निर्णय है, जिसने भारत की आधी आबादी के सपनों को संवैधानिक पंख दिए हैं। संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण प्रदान करने के इस युगांतकारी कदम के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से बिलासपुर के लाल बहादुर शास्त्री स्कूल स्थित दीक्षित सभा भवन में एक भव्य मंचीय कार्यक्रम और विशाल स्कूटी रैली का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ।

यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन मात्र नहीं था, बल्कि यह भारतीय इतिहास में दर्ज होने जा रहे ‘नारी जागरण’ के उस स्वर्णिम काल का उत्सव था, जहाँ महिलाएँ अब केवल नीति-निर्धारण की दर्शक नहीं, बल्कि प्रमुख भागीदार बनने जा रही हैं। सभा में उपस्थित मातृशक्ति ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि यह अधिनियम भारत के स्वाभिमान का असली अभिमान है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद वक्ताओं ने इस विधेयक के दूरगामी प्रभाव और महिलाओं के राजनीतिक उत्थान पर अपने विचार साझा किए।

मंच की गरिमा बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी जी, भाजपा प्रदेश मंत्री श्रीमती हर्षिता पांडेय जी, महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री शीलू साहू जी, और बिलासपुर शहर व ग्रामीण की जिला अध्यक्ष क्रमश: स्नेहलता शर्मा जी व गायत्री साहू जी ने बढ़ाई। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री जी के संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें वह सम्मान दिया है, जिसकी वे हकदार थीं। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि 33% आरक्षण मिलने से जमीनी स्तर की समस्याओं को विधानसभा और संसद में अधिक संवेदनशीलता और मजबूती के साथ उठाया जा सकेगा।

सशक्तिकरण की इस लहर को डिजिटल समर्थन देने के लिए कार्यक्रम में एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। उपस्थित सैकड़ों महिलाओं ने अपने मोबाइल फोन के माध्यम से एक ‘मिस कॉल’ देकर इस विधेयक के प्रति अपनी अटूट सहमती और केंद्र सरकार के प्रति अपनी कृतज्ञता दर्ज कराई। इसके साथ ही, एक विशाल हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें युवतियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक ने अपने हस्ताक्षर कर इस ऐतिहासिक परिवर्तन का गवाह बनने पर गर्व महसूस किया। सभा भवन में गूँजते “नारी शक्ति जिंदाबाद” और “मोदी है तो मुमकिन है” के नारों ने वातावरण को ऊर्जा से भर दिया।
मंचीय कार्यक्रम के समापन के उपरांत, नारी शक्ति के बढ़ते कदमों का प्रदर्शन करने हेतु एक विशाल ‘स्कूटी रैली’ निकाली गई। यह रैली लाल बहादुर शास्त्री स्कूल के दीक्षित सभा भवन से पूरे जोश के साथ प्रारंभ हुई। भगवा और तिरंगे झंडों से सजी सैकड़ों स्कूटियों पर सवार महिलाओं का काफिला जब सदर बाजार के व्यस्त मार्गों से गुजरा, तो शहरवासियों ने भी तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया। यह रैली केवल एक जुलूस नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और उनकी नई पहचान का प्रतीक थी।
स्कूटी रैली का समापन न्यू रिवर व्यू रोड स्थित श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा के समक्ष हुआ। यहाँ उपस्थित महिलाओं ने अटल जी को पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराया। इस पूरे आयोजन में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत की नारी शक्ति अब जागरूक हो चुकी है और राष्ट्र के भविष्य को संवारने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह आयोजन बिलासपुर के इतिहास में नारी सशक्तिकरण के एक गौरवशाली अध्याय के रूप में सदैव स्मरण किया जाएगा।

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