
छत्तीसगढ़ /महासमुंद में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांतीय महिला शिक्षक सम्मेलन की रूपरेखा तय, शिक्षा मंत्री के साथ हुई विस्तृत चर्चा
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के तत्वाधान में आगामी 19 और 20 सितंबर 2026 को महासमुंद के आई. आर. रिसॉर्ट (भलेसर मार्ग) में ‘नारी जागरण, सशक्तिकरण एवं समाज निर्माण हेतु’ आयोजित होने वाले प्रांत स्तरीय महिला शिक्षक सम्मेलन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए प्रांतीय संगठन मंत्री ओंकार सिंह और प्रांताध्यक्ष संजय सिंह ने माननीय शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात कर कार्यक्रम के प्रत्येक पहलू पर विस्तार से चर्चा की है। संघ के प्रांतीय प्रवक्ता अत्रि प्रताप सिंह द्वारा जारी अंतिम सत्रवार कार्यक्रम विवरणिका के अनुसार, यह महाकुंभ प्रदेशभर की महिला शिक्षकों के लिए अपनी नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करने और समाज में एक नई दिशा तय करने का एक स्वर्णिम अवसर साबित होगा।
सम्मेलन का प्रथम दिवस 19 सितंबर 2026 को संध्या समय से आरंभ होगा। कार्यक्रम के अनुसार प्रथम दिवस का उद्घाटन सत्र संध्या 6:00 बजे से 7:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव उपस्थित रहेंगे। इसके तुरंत बाद संध्या 7:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक बौद्धिक सत्र का आयोजन होगा, जिसके मुख्य अतिथि भी शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ही होंगे। इस सत्र का मुख्य विषय ‘मातृशक्ति राष्ट्र निर्माण की आधार शिला’ रखा गया है, जिसमें वक्ता मातृशक्ति के योगदान और देश की प्रगति में महिलाओं की अनिवार्यता पर अपने विचार रखेंगे। पहले दिन का समापन रात्रि 9:00 बजे से 10:00 बजे तक चलने वाले सांस्कृतिक सत्र के साथ होगा, जिसमें गीत, कविता, गजल, चुटकुले और हास्य प्रसंगों के माध्यम से सम्मेलन के मूल ध्येय ‘शिक्षित नारी – सशक्त भारत’ को कलात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
द्वितीस दिवस यानी 20 सितंबर 2026 के कार्यक्रमों की शुरुआत बेहद अनुशासित और ऊर्जावान तरीके से होगी। इस दिन का पहला चरण प्रातः 5:00 बजे से 7:00 बजे तक जागरण सत्र के रूप में तय किया गया है, जिसमें सभी प्रतिभागी एकात्मता स्रोत, व्यायाम, योग और प्राणायाम का अभ्यास करेंगे। इसके पश्चात प्रातः 9:00 बजे से 9:45 बजे तक ‘महिला शिक्षक – चुनौतियां और समाधान’ विषय पर प्रबोधन सत्र आयोजित किया जाएगा। सुबह 9:45 बजे से 10:30 बजे तक ‘राष्ट्र निर्माण में महिला शिक्षकों की भूमिका’ विषय पर संबोधन सत्र होगा। इसके बाद प्रातः 10:45 बजे से 11:30 बजे तक खुला सत्र रखा गया है, जिसका विषय ‘महिला शिक्षकों की आवाज’ है और इसमें इच्छुक महिलाएं अपने स्वतंत्र विचार मंच साझा कर सकेंगी।
कार्यक्रम के अगले चरण में पूर्वाह्न 11:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक सम्मान सत्र का आयोजन किया जाएगा। इस सत्र की विशेषता यह है कि सभी जिलों से जिलाध्यक्ष एक-एक महिला शिक्षिका का नाम सम्मान हेतु प्रेषित करेंगे, जिन्हें इस मंच पर सम्मानित किया जाएगा। दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे तक ‘समाज परिवर्तन की दिशा में पंच परिवर्तन’ विषय पर एक वैचारिक संगोष्ठी होगी, जिसमें सामाजिक बदलाव के पांच प्रमुख बिंदुओं पर मंथन किया जाएगा। इस दो दिवसीय महासम्मेलन का समापन सत्र दोपहर 3:00 बजे से 4:00 बजे तक आयोजित होगा, जिसके मुख्य अतिथि माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े होंगी। उनके मार्गदर्शन में यह सम्मेलन अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए संपन्न होगा।
इस आयोजन की सबसे बड़ी और अनूठी विशेषता यह है कि इसके सभी सत्रों में केवल महिला पदाधिकारी ही सत्र प्रभारी की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो महिला सशक्तिकरण के दावे को जमीन पर उतारने का एक बेहतरीन उदाहरण है। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ (जो कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से संबद्ध है) की प्रांतीय मीडिया शाखा ने प्रदेश की सभी महिला शिक्षकों से अपील की है कि वे भारी संख्या में इस कालजई और गौरवपूर्ण आयोजन में शामिल होकर इतिहास रचें। ‘सशक्त महिला, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र’ के नारे को बुलंद करने वाले इस सम्मेलन के स्वागंतुक मंडल में प्रांतीय संगठन मंत्री ओंकार सिंह, प्रांताध्यक्ष संजय सिंह, महामंत्री मनोज राय, कार्यकारी अध्यक्ष उमेश भारतीय गोस्वामी, मीडिया प्रभारी टिकेश ठाकुर और प्रांतीय प्रवक्ता अत्रि प्रताप सिंह शामिल हैं, जो इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हुए हैं।

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