
फास्टरपुर / शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फास्टरपुर, जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के स्वयंसेवकों ने आज दिनांक 29 अगस्त 2026 को विद्यालय परिसर में अत्यंत उत्साह और ऊर्जा के साथ फूलों के पौधों का रोपण करके एक सुंदर क्यारी तैयार की, जिसका मुख्य उद्देश्य संपूर्ण परिसर को हरा-भरा, स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश देना था। इस प्रेरणादायक आयोजन में विद्यालय के समस्त NSS स्वयंसेवकों ने अपनी सक्रिय और गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, जिन्होंने पौधारोपण के इस पवित्र कार्य को पूरी तन्मयता के साथ संपन्न किया और प्रकृति के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के इस महत्वपूर्ण चरण के दौरान विद्यालय के वरिष्ठ व्याख्याता पी. के. घिर्रे ने सभी उपस्थित स्वयंसेवकों को प्रेमपूर्वक स्वल्पाहार कराया और उन्हें न केवल अपने तात्कालिक दायित्वों के प्रति बल्कि संपूर्ण समाज तथा राष्ट्रहित में सदैव निरंतर और निष्काम भाव से सेवा कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया, जिससे विद्यार्थियों का मनोबल और उत्साह कई गुना बढ़ गया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रामबाबू मिश्र ने स्वयंसेवकों को NSS के मूल उद्देश्यों, आदर्शों और उनके सामाजिक दायित्वों के संबंध में अत्यंत विस्तृत, व्यापक और गहन मार्गदर्शन प्रदान किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एक सच्चे और आदर्श स्वयंसेवक के जीवन में समर्पण और सेवाभाव का होना सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि स्वयंसेवक का मन हमेशा निःस्वार्थ भाव से समाज और देश की भलाई के लिए पूरी तरह से समर्पित होना चाहिए। आगे मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने स्वयंसेवकों को विश्वसनीयता, ईमानदारी और उत्तरदायित्व का वास्तविक महत्व समझाया और इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रत्येक स्वयंसेवक को अपने सौंपे गए कार्यों के प्रति अत्यंत वफादार, कर्तव्यनिष्ठ और समय का सख्त पाबंद होना चाहिए, जिससे पूरा संगठन और समाज उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर सके। इसके साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों में सकारात्मक एवं उत्साही दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि हर विपरीत परिस्थिति में भी जोश, उच्च ऊर्जा और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़कर कार्य करना ही एक कर्मठ स्वयंसेवक की असली पहचान होती है। डॉ. मिश्र ने अपने उद्बोधन में सहयोग और टीम भावना पर भी अत्यधिक जोर देते हुए बताया कि हमेशा दूसरों के साथ मिलकर सामूहिक रूप से कार्य करना, अपने साथियों की हरसंभव सहायता करना और पूरी टीम को वैचारिक रूप से एकजुट तथा संगठित रखना किसी भी सफल आयोजन की नींव होता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को अनुशासन और विनम्रता को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अत्यंत सुंदर प्रेरणा दी और समझाया कि अहंकार से कोसों दूर रहकर एक अनुशासित जीवन जीना तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति के साथ सदैव विनम्रतापूर्वक व्यवहार करना ही एक आदर्श स्वयंसेवक के सबसे प्रमुख और आभूषणस्वरूप गुण होते हैं। इस संपूर्ण और भव्य आयोजन के अंत में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों ने रोपे गए इन सभी पौधों की नियमित देखभाल करने, उनकी संरक्षा सुनिश्चित करने और अपने विद्यालय परिसर को हमेशा हरा-भरा तथा जीवंत बनाए रखने का एक दृढ़ संकल्प लिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि इस विशेष कार्यक्रम का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अनुशासन, आपसी सहयोग और उच्च कोटि की समाजसेवा की भावना को गहराई से विकसित करना था, जो आगे चलकर उनके चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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