मुंगेली / जिले में साइबर अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों और बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा एक व्यापक पहल की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में दिनांक 27 अगस्त 2026 को कलेक्ट्रेट स्थित जनदर्शन सभागार में “साइबर जागृति अभियान” के अंतर्गत “समाज में साइबर जागरूकता का प्रचार-प्रसार” विषय पर एक विशेष और गरिमामयी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस समूचे अभियान को “मैं जागरूक हूं साइबर क्राइम से मुक्त हूं” के मुख्य ध्येय वाक्य के साथ संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज के हर नागरिक को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना है।

इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) ने विशेष रूप से शिरकत की और कार्यक्रम की अध्यक्षता संभाली। उनके साथ ही जिला मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के कुशल मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त कलेक्टर गोकुल रावते की गरिमामयी उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस उच्चस्तरीय आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें जिलेभर के विभिन्न समाजों के प्रमुख, प्रतिष्ठित प्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए, ताकि वे पुलिस प्रशासन के इस अभियान को जमीनी स्तर तक पहुँचा सकें।



कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रभावशाली प्रतिनिधियों के माध्यम से साइबर सुरक्षा के संदेश को घर-घर तक पहुँचाना था। मुख्य अतिथि बिलासपुर आईजी रामगोपाल गर्ग ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए आज के डिजिटल युग में पनप रहे साइबर अपराधों के विभिन्न और जटिल स्वरूपों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने वर्तमान समय में सक्रिय साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल्स, अनजान लिंक्स, वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) से जुड़ी सेंधमारी, और बैंकिंग संबंधी धोखाधड़ी के मामलों से आगाह किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सोशल मीडिया के दुरुपयोग से होने वाले अपराधों, लालच भरी फर्जी निवेश योजनाओं, और हाल के दिनों में तेजी से उभरे “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए खतरों के बारे में बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक जानकारियां साझा कीं।
आईजीपी गर्ग ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि तकनीक जितनी सुविधाजनक है, असावधानी बरतने पर उतनी ही खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने समाज प्रमुखों को समझाया कि अपराधी रोज नए हथकंडे अपनाकर आम नागरिकों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति के लिए मानसिक रूप से सतर्क और तकनीकी रूप से जागरूक रहना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से हिदायत दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता विवरण, पासवर्ड या कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साथ ही, किसी भी संदेहास्पद या लुभावने लिंक पर क्लिक करने से पूरी तरह बचने की आवश्यकता है।
साइबर ठगी के शिकार हो जाने की स्थिति में घबराने के बजाय त्वरित कदम उठाने की सलाह देते हुए उन्होंने आपातकालीन प्रक्रियाओं की जानकारी दी। आईजीपी गर्ग ने बताया कि वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए अथवा सरकार के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते बैंक खातों को होल्ड कराकर ठगी गई राशि को वापस पाया जा सके। उन्होंने सभी समाज प्रमुखों से पुरजोर अपील की कि वे अपने-अपने समाजों और स्थानीय समुदायों की बैठकों में इस विषय पर चर्चा करें। विशेष रूप से बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर सुरक्षा के इन मूलभूत उपायों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विभिन्न समाजों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने मुंगेली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस “साइबर जागृति अभियान” की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे और समुदाय के हर वर्ग को साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। यह सम्मेलन प्रशासन और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा।
अंत में, मुंगेली पुलिस प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जिले के समस्त आम नागरिकों से एक बार फिर गंभीर अपील की है कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे अचूक और प्रभावी उपाय केवल और केवल आपकी अपनी सतर्कता और जागरूकता है। किसी भी प्रकार के अनजान कॉल, लुभावने संदेश, संदेहास्पद ऑनलाइन ऑफर या बहकावे में न आएं। यदि किसी भी कारणवश आप ऑनलाइन ठगी के शिकार हो जाते हैं, तो बिना किसी विलंब के तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और पुलिस को अपनी शिकायत दर्ज कराकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।

The News Related To The News Engaged In The Dainik Samvad Chhattisgarh Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
