मुंगेली / जिले के स्थानीय नागरिकों को अपने ही गृह नगर में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थानीय निवासी अजय गाहिर द्वारा अपने पैतृक भवन में अस्पताल संचालित करने हेतु गत वर्ष 2 जुलाई 2025 को नगर पालिका परिषद मुंगेली में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिस पर समयानुसार निर्णय न होने पर आवेदक द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की गई, जहाँ WPC नंबर 4671/2025 के अंतर्गत दिनांक 1 सितंबर 2025 को माननीय न्यायालय द्वारा यह अंतरिम आदेश पारित किया गया कि याचिकाकर्ता अपने भवन में बिना किसी नए निर्माण कार्य के अस्पताल का संचालन कर सकते हैं तथा इस भवन का ध्वस्तीकरण नहीं किया जाएगा और अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखी जाएगी।


इस न्यायिक आदेश के उपरांत आवेदक द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेजों और आदेश की प्रति संलग्न करते हुए 5 अगस्त 2026 को पुनः नगर पालिका परिषद के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर एनओसी जारी करने का आग्रह किया गया, जिस पर नगर पालिका परिषद मुंगेली के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) होरी सिंह का प्रशासनिक पक्ष यह है कि यह प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके कारण अंतिम निर्णय आने से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र दे पाना जटिल प्रक्रिया है।

दूसरी ओर, आवेदक अजय गाहिर का यह पक्ष सामने आया है कि जब माननीय न्यायालय द्वारा भवन में अस्पताल संचालन पर कोई रोक न होने का स्पष्ट निर्देश दे दिया गया है, तो ऐसी स्थिति में प्रशासनिक स्तर पर एनओसी जारी करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए, ताकि नियमानुसार कार्य पूर्ण हो सके। इस प्रकार, एक तरफ जहाँ आवेदक न्यायालय के आदेश का हवाला देकर अनुमति दिए जाने की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी न्यायिक प्रक्रिया और विचाराधीन स्थिति का हवाला दे रहे हैं, जिसके चलते यह पूरा प्रकरण दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्कों और प्रशासनिक गतिरोध के बीच विचाराधीन बना हुआ है।

The News Related To The News Engaged In The Dainik Samvad Chhattisgarh Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
