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मुंगेली/छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिले का एकमात्र रेलवे रिजर्वेशन/बुकिंग काउंटर पिछले तीन दिनों से पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। काउंटर पर ‘लिंक फेल’ (Link Fail) का बड़ा सा बोर्ड चस्पा कर दिए जाने के कारण यहां आने वाले आम नागरिकों, दैनिक यात्रियों और आपातकालीन यात्रा करने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि टिकट बुक कराने पहुंचे लोग काउंटर के बाहर ही घंटों इंतजार करने और अंततः निराश होकर लौटने को मजबूर हैं।
तीन दिनों से ब्लैकआउट, तकनीकी खामी ने रोकी रफ्तार
मुंगेली शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग की सुविधा के वास्ते यही एकमात्र मुख्य काउंटर अधिकृत है। लेकिन पिछले 72 घंटों से अधिक समय से यहां सर्वर पूरी तरह से कटा हुआ है। काउंटर के कांच पर साफ अक्षरों में ‘लिंक फेल / LINK FAIL’ और साथ में एक संपर्क नंबर ‘7581998862’ चस्पा किया गया है।

जब स्थानीय नागरिकों और परेशान यात्रियों ने समस्या के समाधान के लिए काउंटर पर दिए गए इस मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन उठाने वाला कोई नहीं मिला और नंबर पर फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला। इसके अलावा जब अन्य माध्यमों से बात की गई तो केवल ‘सर्वर अपडेट’ होने की बात कही गई, लेकिन लिंक कब तक सुधरेगा, उसका कोई सही जवाब नहीं है। संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों के पास इस बात की कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं है कि यह सेवा कब तक सुचारू रूप से बहाल की जाएगी।

यात्रियों का छलका दर्द: काउंटर के चक्कर काटने को मजबूर आम जनता
रेलवे काउंटर पर टिकट बुक कराने पहुंचे स्थानीय निवासियों ने अपना रोष व्यक्त करते हुए बताया कि मुंगेली में रेलवे की सुगम सुविधा के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। यदि जिले का एकमात्र काउंटर इस तरह महीनों या हफ्तों बंद रहेगा, तो आम जनता कहां जाएगी?
आपातकालीन यात्राओं पर संकट: कई यात्रियों का कहना है कि उन्हें अर्जेंट काम से बाहर जाना था, लेकिन टिकट न मिलने के कारण उनकी योजनाएं धरी रह गईं।
लंबी दूरी तय कर पहुंच रहे लोग: ग्रामीण अंचलों से किराया खर्च कर मुंगेली मुख्यालय पहुंचे लोगों को जब काउंटर पर ताला या ‘लिंक फेल’ का बोर्ड मिलता है, तो उनकी झुंझलाहट और बढ़ जाती है।

समय और धन की बर्बादी: बिना किसी पूर्व सूचना या वैकल्पिक व्यवस्था के काउंटर बंद रहने से यात्रियों का बहुमूल्य समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
रेलवे प्रशासन की लाचारी और व्यवस्था पर सवाल
देश के सबसे बड़े परिवहन तंत्र यानी भारतीय रेलवे के सूचना प्रौद्योगिकी और सर्वर नेटवर्क का इस तरह तीन दिनों तक ठप रहना कई बड़े सवाल खड़े करता है। क्या मुंगेली जैसे जिला मुख्यालय में सर्वर की तकनीकी खराबी को ठीक करने के लिए कोई स्थानीय तकनीकी टीम तैनात नहीं है? यदि लिंक फेल था, तो वैकल्पिक माध्यमों (जैसे ब्रॉडबैंड बैकअप या वीसैट कनेक्टिविटी) का उपयोग क्यों नहीं किया गया?
दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन करने पर कोई जवाब न मिलना और केवल ‘सर्वर अपडेट’ का गोलमोल जवाब देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेना रेलवे प्रशासन की लचर कार्यशैली को उजागर करता है। यात्रियों ने मांग की है कि इस तकनीकी खराबी को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त किया जाए, ताकि मुंगेली के लोगों को राहत मिल सके और वे सुगमता से अपने गंतव्य के लिए टिकट बुक करा सकें।

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