
मुंगेली/छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने मुंगेली नगर पालिका परिषद क्षेत्र के विकास को एक नई और अभूतपूर्व गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मुंगेली नगर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जन-सुविधाओं के विस्तार के लिए 661.48 लाख रुपये (6.61 करोड़ से अधिक) की अंतिम वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव के विशेष प्रयासों से मिली इस भारी-भरकम राशि से मुंगेली शहर के सभी वार्डों में कुल 65 महत्वपूर्ण विकास और निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
इस ऐतिहासिक आवंटन पर मुंगेली नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पूरी मुंगेली की जनता की ओर से प्रदेश सरकार और उपमुख्यमंत्री अरुण साव का सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इसे मुंगेली के इतिहास में विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय बताया है।
प्राविधिक से अंतिम स्वीकृति तक का सफर: मजबूत वित्तीय संबल
नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह बड़ी प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी संचालनालय के आदेश क्रमांक 42896 के तहत जारी की गई है।
गौरतलब है कि इसके पूर्व संचालनालय द्वारा आदेश क्रमांक 203133 दिनांक 08.12.2025 के माध्यम से मुंगेली नगर पालिका को अधोसंरचना मद के तहत विकास कार्यों हेतु 700.00 लाख रुपये की प्राविधिक (Provisional) स्वीकृति दी गई थी। इसके बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO), नगर पालिका परिषद मुंगेली द्वारा प्रेषित विस्तृत कार्य प्रस्तावों और जमीनी आवश्यकताओं के सूक्ष्म परीक्षण के उपरांत, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 65 विकास कार्यों हेतु 661.48 लाख रुपये के अनुदान की अंतिम स्वीकृति पर मुहर लगा दी गई है।
इस राशि के जारी होने से मुंगेली नगर पालिका को एक मजबूत वित्तीय संबल मिला है, जिससे लंबे समय से लंबित पड़ी जन-आकांक्षाओं को पंख लगेंगे।
नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने जताया आभार: “मुंगेली के प्रति संवेदनशीलता का प्रमाण”
इस ऐतिहासिक सौगात पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुंगेली की जनता इस उपकार के लिए सदैव ऋणी रहेगी।
रोहित शुक्ला ने विशेष रूप से क्षेत्र के प्रति उपमुख्यमंत्री अरुण साव के लगाव को रेखांकित करते हुए कहा:
“मुंगेली के इतिहास में विकास कार्यों के लिए एक साथ इतनी बड़ी राशि की अंतिम वित्तीय स्वीकृति मिलना प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और हमारे संरक्षक, उपमुख्यमंत्री व नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव जी की मुंगेली के प्रति विशेष संवेदनशीलता को दर्शाता है। अरुण साव जी के कुशल मार्गदर्शन, दूरगामी सोच और सतत प्रयासों के कारण ही आज मुंगेली नगर पालिका को यह मजबूत वित्तीय संबल मिल सका है। इन 65 विकास कार्यों के पूरा होने से शहर की सड़कें, नालियां, सामुदायिक भवन, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं का स्तर बहुत ऊंचा हो जाएगा। हमारी पूरी परिषद और मुंगेली की समस्त जनता प्रदेश सरकार के इस अमूल्य सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित करती है।”
मुंगेली शहर का बदलेगा चेहरा: प्रमुख विकास कार्य और आवंटित राशियां
जारी शासकीय आदेश के अनुसार, इस राशि का उपयोग मुंगेली के सभी वार्डों की बुनियादी व्यवस्थाओं को अपग्रेड करने में किया जाएगा। शहर में सड़कों के डामरीकरण (BT Road), कंक्रीट सड़कों (CC Road), नाली निर्माण, घाट निर्माण और सामाजिक भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
1. वार्ड क्र. 14 में भव्य सामुदायिक भवन का निर्माण
इस पूरे पैकेज के तहत सबसे बड़ी राशि वार्ड क्रमांक 14 में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए स्वीकृत की गई है। इसके लिए 46.34 लाख रुपये का बजट रखा गया है। यह भवन क्षेत्र के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
2. वार्ड क्र. 21 में हनुमान मंदिर के पास पचरी व घाट निर्माण
धार्मिक और सामाजिक आस्था के केंद्रों को संवारने के क्रम में वार्ड क्रमांक 21 स्थित हनुमान मंदिर के पास पीपल चौक एवं निरंजन के घर के पास पचरी/घाट निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसके लिए 38.73 लाख रुपये का बड़ा बजट आवंटित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी।
3. वार्ड क्र. 18 में दाउपारा चौक से नवागांव घुटेरा मार्ग का जीर्णोद्धार
शहर के व्यस्ततम आवागमन वाले मार्गों में से एक, दाउपारा चौक से नवागांव घुटेरा मार्ग का पूरी तरह कायाकल्प किया जाएगा। इस मार्ग में बी.टी. रोड (डामरीकरण), आर.सी.सी. नाली एवं कव्हर निर्माण तथा आवश्यक मरम्मत कार्य हेतु 36.09 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे जलभराव और जर्जर सड़क की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
4. सड़कों का डामरीकरण और रिन्यूवल (सड़क कनेक्टिविटी)
वार्ड क्र. 05: सिंधी कॉलोनी में प्रेम आर्य के घर से लेकर इंदिरा चौक तक चमचमाती डामर सड़क (BT Road) बनाई जाएगी। इस कार्य के लिए 31.51 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
वार्ड क्र. 19: भरूवा फर्नीचर से विभिन्न घरों से होते हुए मुख्य मार्ग तक सी.सी. रोड, नाली, टर्निंग वॉल और पाइप कल्वर्ट निर्माण हेतु 29.86 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
5. वार्ड क्र. 13 में ड्रेनेज और कल्वर्ट निर्माण
वार्ड क्रमांक 13 के अंतर्गत मेन रोड राकेश पान ठेला से लेकर नाला तक पाइप कल्वर्ट, सी.सी. सड़क का नवीनीकरण एवं नाली निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसके लिए 29.15 लाख रुपये मंजूर हुए हैं, जिससे बारिश के दिनों में होने वाली जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान होगा।
गुणवत्ता और पारदर्शिता के कड़े निर्देश: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
विष्णुदेव साय सरकार ने विकास कार्यों की मंजूरी देने के साथ-साथ पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और निर्माण कार्य की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बेहद कड़े नियम और शर्तें लागू की हैं। छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जनता के पैसे की एक-एक पाई का सही उपयोग होना चाहिए।
विभाग द्वारा जारी मुख्य गाइडलाइंस:
सक्षम तकनीकी स्वीकृति अनिवार्य: कोई भी कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सक्षम तकनीकी अधिकारी से विस्तृत तकनीकी स्वीकृति (Technical Sanction) और चालू बाजार दरों का विश्लेषण (Rate Analysis) कराना अनिवार्य होगा।
फंड डायवर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध: स्वीकृत कार्यों के लिए जारी राशि का उपयोग केवल और केवल उन्हीं विशिष्ट कार्यों के लिए किया जा सकेगा, जिनके लिए मंजूरी मिली है। किसी अन्य मद या कार्य में इस राशि का विचलन (Fund Diversion) पूर्णतः वर्जित रहेगा। ऐसा होने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
थ्री-स्टेज फोटोग्राफी और यूसी (UC): कार्यों की गुणवत्ता और जमीनी प्रगति की निगरानी के लिए ‘थ्री-स्टेज फोटोग्राफी’ अनिवार्य की गई है। निर्माण कार्य शुरू होने के पूर्व (Before), प्रगति के दौरान (During) और कार्य पूर्ण होने के पश्चात (After) की जियो-टैग्ड तस्वीरें और उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificate) संचालनालय को प्रस्तुत करना होगा।
विवादित और निजी भूमि पर रोक: विभाग ने कड़े शब्दों में निर्देशित किया है कि स्वीकृत निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की विवादित या निजी भूमि का उपयोग नहीं किया जाएगा। सभी कार्य पूर्णतः शासकीय और निर्विवाद भूमि पर ही संपादित किए जाएंगे।
उच्च स्तरीय निगरानी समिति
इस पूरे प्रोजेक्ट की कड़ाई से मॉनिटरिंग के लिए आदेश की प्रतियां कलेक्टर मुंगेली, मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुंगेली और संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर को आवश्यक कार्रवाई और कड़ी निगरानी हेतु प्रेषित कर दी गई हैं। प्रशासन की इस सक्रियता से तय समय सीमा के भीतर काम पूरा होने की उम्मीद है।
मुंगेली की जनता में हर्ष की लहर: “यह नए मुंगेली का उदय है”
करोड़ों रुपये की इस अंतिम वित्तीय स्वीकृति की खबर जैसे ही मुंगेली शहर में फैली, आम नागरिकों और विभिन्न वार्डों के पार्षदों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक साथ 65 विकास कार्यों की मंजूरी मिलना मुंगेली के इतिहास में अभूतपूर्व है।
शहरी विकास के जानकारों का मानना है कि इन कार्यों के धरातल पर उतरने से न केवल मुंगेली की सूरत बदलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। नालियों और कल्वर्ट्स के निर्माण से शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा, वहीं डामरीकृत और सी.सी. सड़कों से सुगम यातायात सुनिश्चित होगा।
विष्णुदेव साय सरकार और उपमुख्यमंत्री अरुण साव की इस बड़ी सौगात ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के छोटे और मझोले शहरों के योजनाबद्ध विकास (Planned Urban Development) के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुंगेली की जनता ने इस संवेदनशीलता के लिए राज्य सरकार को सहृदय धन्यवाद दिया है।

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