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दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से वन्यजीव अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की चाहत ने एक युवक को सलाखों के करीब पहुँचा दिया है। एक युवक ने महाराष्ट्र के राजकीय पशु ‘शेकरू’ (विशाल गिलहरी) का अवैध रूप से शिकार किया और उसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। रील वायरल होते ही वन विभाग हरकत में आया और आरोपी की पहचान कर ली गई।
गुलेल से किया 9 दुर्लभ गिलहरियों का शिकार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक ने दंतेवाड़ा के जंगली इलाकों में गुलेल का इस्तेमाल कर कुल 9 शेकरू गिलहरियों को मार गिराया। ‘शेकरू’ जिसे ‘इंडियन जायंट स्क्विरल’ भी कहा जाता है, एक अत्यंत दुर्लभ और शर्मीला जीव है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में इन जीवों का शिकार क्षेत्र की जैव विविधता के लिए एक बड़ा खतरा है।
इंस्टाग्राम रील बनी गिरफ्तारी का कारण
शिकार करने के बाद आरोपी ने संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार करते हुए मृत गिलहरियों के साथ एक रील बनाई। इस रील में उसने पृष्ठभूमि में ‘हिड़मा’ का गाना इस्तेमाल किया और गर्व से मरे हुए जीवों का प्रदर्शन किया। जैसे ही यह वीडियो इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ, वन्यजीव प्रेमियों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। वन विभाग की टीम ने वीडियो के आधार पर तकनीकी जांच की और सीधे युवक के घर तक पहुँच गई।
शिकार के बाद पकाकर खा गए मांस
जांच में एक और डराने वाला तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि वीडियो बनाने के बाद आरोपी और उसके साथियों ने इन दुर्लभ गिलहरियों को पकाकर खा लिया था। जब तक वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, तब तक सबूत मिटाने की कोशिश की जा चुकी थी, लेकिन वायरल रील ने आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश कर दिए हैं।
वन विभाग की चेतावनी: “वन्यजीवों का शिकार करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक गंभीर अपराध है। सोशल मीडिया पर ऐसे कृत्यों का प्रदर्शन करना न केवल अनैतिक है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय भी है। विभाग इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।”
यह घटना दर्शाती है कि कैसे ‘डिजिटल फेम’ की भूख लोगों को गंभीर अपराधों की ओर धकेल रही है। फिलहाल वन विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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