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मुंगेली/छत्तीसगढ़
कल, 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि का महापर्व शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष स्थान है, क्योंकि इसी दिन से हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) का भी आरंभ होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हम चैत्र नवरात्रि क्यों मनाते हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे की मुख्य वजहें:
1. मां दुर्गा और महिषासुर का युद्ध
पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध करने के लिए अवतार लिया था। चैत्र नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां दुर्गा ने महिषासुर से भीषण युद्ध किया और अंत में उसका संहार कर देवलोक और पृथ्वी को अधर्म से मुक्ति दिलाई। इसीलिए इसे शक्ति की विजय के रूप में मनाया जाता है।
2. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्म (राम नवमी)
चैत्र नवरात्रि का समापन नौवें दिन ‘राम नवमी’ के रूप में होता है। मान्यता है कि इसी चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान विष्णु ने राजा दशरथ के घर श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। प्रभु राम की शक्ति साधना और उनके जन्मोत्सव के कारण यह नवरात्रि अत्यंत पवित्र मानी जाती है।
3. सृष्टि के सृजन का दिन
ब्रह्म पुराण के अनुसार, चैत्र नवरात्रि के पहले दिन (प्रतिपदा) ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। यानी इसी दिन से संसार में समय चक्र की शुरुआत हुई थी। यही कारण है कि इसे नए साल के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
4. ऋतु परिवर्तन और वैज्ञानिक महत्व
धार्मिक कारणों के साथ-साथ इसका गहरा वैज्ञानिक आधार भी है। चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु के आगमन और गर्मियों की शुरुआत का संधि काल होता है। इस समय प्रकृति बदलती है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) प्रभावित होती है। इन नौ दिनों के उपवास और सात्विक आहार से शरीर शुद्ध (Detox) होता है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
निष्कर्ष
चैत्र नवरात्रि केवल उपवास का त्योहार नहीं है, बल्कि यह नई ऊर्जा, नई शुरुआत और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। कल सुबह 06:52 से 07:43 के बीच शुभ मुहूर्त में घटस्थापना कर भक्त माँ की आराधना शुरू करेंगे।

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