मुंगेली / भारतीय लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था वर्तमान में एक अत्यंत संवेदनशील दौर से गुजर रही है। देश के करोड़ों मेधावी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं—विशेषकर नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) बोर्ड परीक्षाओं—में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों ने संपूर्ण देश को झकझोर कर रख दिया है। इन गंभीर मुद्दों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देशानुसार, देश के तमाम जिला कांग्रेस कमेटियों को छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरने का आह्वान किया गया था। इसी कड़ी के तहत, शनिवार, 25 जुलाई 2026 की संध्याकाल में स्थानीय स्तर पर एक विशाल, अनुशासित और प्रभावशाली कैंडल मार्च एवं सत्याग्रह का आयोजन किया गया।
इस ऐतिहासिक और वैचारिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की घोर विफलता को उजागर करना और राज्य मशीनरी द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर किए गए दमनात्मक अत्याचारों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराना था। शहर अध्यक्ष दीपक गुप्ता के ओजस्वी और ऊर्जावान नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और नागरिकों ने भारी संख्या में इस कैंडल मार्च में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
शहर अध्यक्ष दीपक गुप्ता के साथ इस विरोध प्रदर्शन में दिलीप बंजारा, आरिफ खोखर, जलेश यादव, अरविंद वैष्णव, स्वतंत्र मिश्रा, नीरज यादव, संजय जयसवाल, इंद्रजीत सिंह कुर्रे, नौशाद खान, जय सोनी, लल्लू खान, राजा मानिक, दिलीप सोनी, वैभव ताम्रकार, मुमताज अली, संजय चंदेल, हारुण खान, राम तालरेजा, और विष्णु खंडे सहित भारी संख्या में जुझारू कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल रहे। इन सभी नेताओं ने एक सुर में युवाओं के अधिकारों की रक्षा करने और तानाशाही प्रशासनिक रवैये के खिलाफ डटकर मुकाबला करने का संकल्प लिया।
यह भव्य कैंडल मार्च स्थानीय शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए महात्मा गांधी अथवा बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक निकाला गया। मार्च के दौरान सभी के हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां थीं, जो इस बात का प्रतीक थीं कि भ्रष्टाचार के इस अंधकारमय दौर में कांग्रेस पार्टी छात्रों के जीवन में न्याय की रोशनी लेकर आई है। प्रतिमा स्थल पर पहुंचने के बाद यह मार्च एक संकल्पबद्ध सत्याग्रह में परिवर्तित हो गया, जहां सभी ने उन विद्यार्थियों के प्रति एकजुटता व्यक्त की जिनका भविष्य परीक्षा व्यवस्था की विफलताओं के कारण संकट में पड़ गया है।
सत्याग्रह के दौरान केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए गए और यह प्रमुख मांग उठाई गई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान परीक्षा प्रणाली की पूर्ण विफलता और युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में असफल रहने की अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिसिया डंडे बरसाना और उनकी लोकतांत्रिक आवाजों को दबाना तानाशाही का परिचायक है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस देश के हर उस छात्र के साथ चट्टान की तरह खड़ी है, जिसे डराने का प्रयास किया जा रहा है।
यह आयोजन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया गया ताकि यह स्पष्ट संदेश पूरे देश में जाए कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने के हर प्रयास का डटकर विरोध करेगी। शहर अध्यक्ष दीपक गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुआ यह आयोजन इस बात का गवाह है कि क्षेत्रीय स्तर पर भी कांग्रेस कार्यकर्ता जनता और युवाओं के ज्वलंत मुद्दों पर पूरी तरह मुखर हैं।

The News Related To The News Engaged In The Dainik Samvad Chhattisgarh Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
