बिलासपुर/ शहर के प्रतिष्ठित फाउंडेशन क्रिकेट एकेडमी के खेल मैदान में इस वर्ष भी गणेशोत्सव का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, भव्यता और पूरी धार्मिक निष्ठा के साथ मनाया जा रहा है, जहाँ पिछले एक दशक यानी 10 वर्षों से निरंतर चली आ रही सनातन आस्था और परंपरा के अनुरूप इस बार भी विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की आकर्षक एवं पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की गई थी।

इस दस दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम के समय नियमित रूप से महाआरती, पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चार का सिलसिला अनवरत चलता रहा, जिसमें फाउंडेशन क्रिकेट एकेडमी के चेयरमैन प्रिंस भाटिया के साथ-साथ एकेडमी के तमाम खिलाड़ी बच्चों, प्रशिक्षकों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में उत्साहपूर्वक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इसी कड़ी में बुधवार को एकेडमी के खेल मैदान में एक अत्यंत भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जो शहरभर के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र रही।

इस विशाल धार्मिक आयोजन में छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दिग्गजों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह और नगर निगम की महापौर पूजा विधानी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा कार्यक्रम में अमोलक सिंह भाटिया, गुरमीत सिंह भाटिया, पार्षद मोती गंगवानी, दिनेश देवांगन, मनीष अग्रवाल, पंकज सिंह, समीर अहमद, रविंद्र सिंह ठाकुर, रामदेव कुमावत, भुट्टो राज, मनोज तिवारी, अनुमय श्रीवास्तव सहित शहर के कई प्रबुद्ध उद्योगपति, प्रतिष्ठित नागरिक और बड़ी संख्या में महिलाएँ, युवा तथा खेल प्रेमी श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ शामिल हुए।

महाआरती के दौरान सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवान गणेश के समक्ष हाथ जोड़कर प्रदेश और बिलासपुर शहर की सुख, शांति, प्रगति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की और यह कामना की कि फाउंडेशन क्रिकेट एकेडमी के इस प्रांगण में हर वर्ष इसी तरह धूमधाम से बप्पा की आराधना होती रहे। इस भव्य महाआरती के संपन्न होने के पश्चात उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद और भोग का वितरण किया गया। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि आयोजकों ने इको-फ्रेंडली मिट्टी की मूर्ति स्थापित करके समाज को प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का एक अनूठा व सकारात्मक संदेश दिया है।


लगातार दस दिनों तक भक्ति भाव से सराबोर रहने वाले इस गणेशोत्सव का समापन आज यानी 24 सितंबर को किया जा रहा है, जिसके तहत आज बप्पा की प्रतिमा को अत्यंत धूमधाम, गाजे-बाजे और नम आंखों के साथ विसर्जित किया जाएगा। विसर्जन से ठीक पहले एकेडमी परिसर में ‘गणपति बाप्पा मोरया’ के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहेगा और सभी भक्तों के मन में यही गहरी भावना और कामना रहेगी कि अगले बरस बप्पा जल्द ही फिर लौटकर आएं।

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