मुंगेली। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों में मुंगेली जिले ने सफलता के नए प्रतिमान स्थापित करते हुए पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस वर्ष जिले के विद्यार्थियों ने न केवल अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि मुंगेली को शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। जिले के इस शानदार प्रदर्शन की सबसे बड़ी उपलब्धि लोरमी के छात्र अंशुल शर्मा रहे, जिन्होंने 10वीं बोर्ड की परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक अर्जित कर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की मेरिट सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

अंशुल की इस ऐतिहासिक सफलता ने मुंगेली के माथे पर गौरव का तिलक लगाया है। परिणाम घोषित होते ही पूरे जिले में हर्ष का माहौल व्याप्त हो गया और खुशियाँ मनाने का सिलसिला शुरू हो गया। इस गौरवशाली क्षण को और भी यादगार बनाने के लिए जिले के संवेदनशील कलेक्टर कुन्दन कुमार और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने एक सराहनीय पहल की।

दोनों अधिकारियों ने प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए जिले के सभी टॉपर्स के घर पहुँचकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। अधिकारियों की टीम सबसे पहले लोरमी पहुँची जहाँ उन्होंने प्रदेश टॉपर अंशुल शर्मा और उनके परिजनों से मुलाकात की। कलेक्टर और एसपी ने अंशुल को अपने हाथों से मिठाई खिलाई और गुलदस्ता भेंट कर उनकी कड़ी मेहनत की सराहना की। इसके पश्चात अधिकारियों का काफिला मुंगेली जिला मुख्यालय के विवेकानंद वार्ड पहुँचा, जहाँ 10वीं की छात्रा नंदिता देवांगन ने 98.87 प्रतिशत अंकों के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

अधिकारियों ने नंदिता के घर पहुँचकर उनके माता-पिता को बधाई दी और छात्रा का उत्साहवर्धन किया। इसी कड़ी में चकरभाठा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा कुमारी हेमा, जिन्होंने 97.87 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है, उन्हें भी कलेक्टर और एसपी ने सम्मानित किया। अधिकारियों का इस तरह बच्चों के द्वार तक पहुँचना न केवल छात्रों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी गया।
इस अवसर पर कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिले की रैंकिंग में हुए क्रांतिकारी सुधारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि मुंगेली जिला पिछले वर्ष की तुलना में शिक्षा के स्तर पर बहुत तेजी से उभरा है। पिछले वर्ष कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों में जिला पूरे प्रदेश में 27वें स्थान पर था, जो शिक्षकों और विद्यार्थियों की सामूहिक मेहनत से इस वर्ष लंबी छलांग लगाकर 6वें स्थान पर पहुँच गया है। इसी प्रकार कक्षा 10वीं के परिणामों में भी मुंगेली ने 30वें स्थान से बड़ी प्रगति करते हुए 12वां स्थान प्राप्त किया है। कलेक्टर ने इस बड़ी उपलब्धि का मुख्य श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित “90 प्लस शिक्षा गुणवत्ता अभियान” को दिया। उन्होंने जानकारी दी कि इस अभियान के अंतर्गत जिले के 74 स्कूलों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया था, जहाँ छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष मोटिवेशन, बेहतर संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान किया गया। कलेक्टर ने इसे “प्रेरणा से परिवर्तन” की दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि शिक्षकों के समर्पण, विद्यार्थियों की अटूट लगन, अभिभावकों के निरंतर सहयोग और जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन का एक संयुक्त परिणाम है। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने भी विद्यार्थियों की इस उपलब्धि को जिले के लिए एक टर्निंग पॉइंट बताया और कहा कि ये सफल छात्र आने वाली पीढ़ियों के लिए रोल मॉडल की तरह कार्य करेंगे। प्रशासन ने अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए कहा कि अब जिले में शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसमें तकनीकी नवाचारों को जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों को आधुनिक लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और अन्य संसाधनों से लैस करने का प्रयास किया जाएगा ताकि मुंगेली के बच्चे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस और वैज्ञानिक जैसे उच्च पदों पर आसीन होकर देश की सेवा कर सकें। सम्मान के इस दौर में जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय, मुंगेली एसडीएम अजय शतरंज, जिला शिक्षा अधिकारी सहित प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस दिन को मुंगेली के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज बताया।

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