मुंगेली/नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के एक छोटे से जिले मुंगेली ने देश को कई रत्न दिए हैं, लेकिन वर्तमान राजनीति के परिदृश्य में एक नाम जिसकी गूँज पूरे देश में सुनाई दे रही है, वह है डॉ. संदीप पाठक। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे पाठक आज न केवल राज्यसभा सांसद हैं, बल्कि आम आदमी पार्टी (AAP) के ‘राष्ट्रीय संगठन महासचिव’ के रूप में पार्टी की रीढ़ माने जाते हैं।
किसान परिवार से अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सफर
डॉ. संदीप पाठक की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। इनका जन्म 4 अक्टूबर 1979 को मुंगेली जिले के बटहा गाँव में हुआ। पिता शिवकुमार पाठक एक साधारण किसान हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं छोड़ी। संदीप पाठक के एक छोटे भाई प्रदीप पाठक और बहन प्रतिभा पाठक हैं।उनकी प्रारंभिक शिक्षा लोरमी क्षेत्र के गाँव में ही हुई। छठी कक्षा के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए बिलासपुर आ गए, जहाँ से उन्होंने विज्ञान में स्नातक और फिर MSC की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IICT हैदराबाद और NCL पुणे तक ले गई। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन चले गए, जहाँ यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज से उन्होंने अपनी पीएचडी (PhD) पूरी की।

अकादमिक करियर और राजनीति में प्रवेश
पीएचडी के बाद उन्होंने करीब 6 साल ब्रिटेन में बिताए, लेकिन अपनी जड़ों से जुड़े रहने की चाह उन्हें वापस भारत ले आई। 2016 में उन्होंने IIT दिल्ली में फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यभार संभाला। इसी दौरान उनका झुकाव आम आदमी पार्टी की विचारधारा की ओर हुआ।संदीप पाठक ने 2016 में पर्दे के पीछे रहकर AAP के लिए काम करना शुरू किया। उनकी वैज्ञानिक सोच और डेटा विश्लेषण की क्षमता ने अरविंद केजरीवाल को प्रभावित किया। वे धीरे-धीरे पार्टी के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार बन गए।
पंजाब की ‘प्रचंड’ जीत के सूत्रधार
डॉ. संदीप पाठक को असली पहचान मिली 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से। उन्हें पंजाब का चुनाव प्रभारी बनाया गया था। उन्होंने करीब तीन साल तक पंजाब के एक-एक गाँव और ब्लॉक स्तर पर सर्वे किया, डेटा इकट्ठा किया और ऐसी रणनीति बनाई जिसने दशकों पुराने स्थापित दलों (कांग्रेस और अकाली दल) के किले को ढहा दिया।
“उम्मीदवार चयन से लेकर कैंपेन प्लानिंग और ग्राउंड लेवल नेटवर्क खड़ा करने तक, पाठक ने पूरे चुनावी ढांचे को वैज्ञानिक तरीके से व्यवस्थित किया।” पंजाब में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद, पार्टी ने उन्हें अप्रैल 2022 में पंजाब से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनकर दिल्ली भेजा।
संगठनात्मक विस्तार और छत्तीसगढ़ से जुड़ाव
संदीप पाठक की भूमिका केवल एक सांसद तक सीमित नहीं रही। दिसंबर 2022 में उन्हें पार्टी का ‘राष्ट्रीय संगठन महासचिव’ नियुक्त किया गया। इसके साथ ही वे पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था ‘राजनीतिक मामलों की समिति’ (PAC) के सदस्य भी बने।
पार्टी ने उनके संगठनात्मक कौशल को देखते हुए उन्हें गुजरात, गोवा और उनके गृह राज्य छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी भी सौंपी। छत्तीसगढ़ में पार्टी को खड़ा करने और नए चेहरों को जोड़ने में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है।

एक नए अध्याय की शुरुआत
डॉ. संदीप पाठक का भाजपा में शामिल होना केवल दल बदलना नहीं है, बल्कि एक विचारधारा से दूसरी विचारधारा की ओर वह कदम है जहाँ वे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने अपने संबोधन में भी संकेत दिए कि वे राष्ट्र निर्माण और अंत्योदय के लक्ष्य को लेकर भाजपा के साथ जुड़ रहे हैं।
मुंगेली के बटहा गाँव से निकलकर देश की संसद तक पहुँचने वाले डॉ. संदीप पाठक आज उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो मानते हैं कि राजनीति में आने के लिए किसी ‘गॉडफादर’ की जरूरत होती है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, सही शिक्षा और स्पष्ट दृष्टि (Vision) हो तो एक किसान का बेटा भी देश की राजनीति की दिशा और दशा बदल सकता है।

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