{"remix_data":[],"remix_entry_point":"challenges","source_tags":["local"],"origin":"unknown","total_draw_time":0,"total_draw_actions":0,"layers_used":0,"brushes_used":0,"photos_added":0,"total_editor_actions":{},"tools_used":{},"is_sticker":false,"edited_since_last_sticker_save":false,"containsFTESticker":false}
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और अमित शाह की अचूक रणनीति ने एक बार फिर राज्यसभा चुनावों में विपक्ष को पस्त कर दिया है। सोमवार को हुई वोटिंग के बाद आए नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि NDA का कुनबा न केवल एकजुट है, बल्कि विपक्षी खेमे में भी सेंधमारी करने में सफल रहा है। बिहार की सभी 5 सीटों और ओडिशा में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत ने ‘मिशन 2026’ के लिए एक बड़ी लकीर खींच दी है।
बिहार: ‘नीतीश-मोदी’ की जोड़ी का जलवा, विपक्ष के 4 विधायक नदारद
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों पर हुए चुनाव में NDA ने 100% स्ट्राइक रेट के साथ क्लीन स्वीप किया है।
- दिग्गजों की जीत: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, भाजपा नेता शिवेश कुमार और RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने शानदार जीत दर्ज की।
- बिखर गया महागठबंधन: जीत का गणित तब और दिलचस्प हो गया जब वोटिंग के समय महागठबंधन के 4 विधायक (3 कांग्रेस और 1 RJD) गायब रहे। तेजस्वी यादव और कांग्रेस की लाख कोशिशों के बावजूद उनके अपने विधायक साथ छोड़ गए, जिससे NDA की राह और आसान हो गई।
ओडिशा: ‘क्रॉस वोटिंग’ ने बदली हवा, नवीन पटनायक को बड़ा झटका
ओडिशा में भाजपा ने वह कर दिखाया जिसकी कल्पना विपक्ष ने नहीं की थी। 4 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने अपने रणनीतिक कौशल से विपक्ष को हतप्रभ कर दिया।
- ऐतिहासिक जीत: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने आसानी से जीत हासिल की।
- विपक्ष में बगावत: सबसे बड़ा उलटफेर चौथी सीट पर हुआ, जहाँ भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय ने जीत दर्ज की। यहाँ BJD के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों ने ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। यह ओडिशा की राजनीति में भाजपा की बढ़ती धमक का स्पष्ट प्रमाण है।
हरियाणा: कड़े मुकाबले में भाजपा ने गाड़ा झंडा
हरियाणा की 2 सीटों पर भी घमासान देखने को मिला। भाजपा के संजय भाटिया ने भारी मतों से जीत दर्ज की। यहाँ भी कांग्रेस के भीतर की आपसी खींचतान और गुटबाजी का खामियाजा विपक्षी उम्मीदवार को भुगतना पड़ा, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला।

The News Related To The News Engaged In The Dainik Samvad Chhattisgarh Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
