भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के चार बड़े राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में सत्ता के महासंग्राम की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी की कुल 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव का पर्व 9 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच मनाया जाएगा।
चुनावी शेड्यूल: कब कहाँ होगी वोटिंग?
निर्वाचन आयोग ने इस बार चुनाव प्रक्रिया को बेहद तेज रखा है। पूरी वोटिंग मात्र 21 दिनों में संपन्न होगी:
- 9 अप्रैल: असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान।
- 23 अप्रैल: तमिलनाडु में सभी सीटों पर एक साथ वोटिंग।
- 23 और 29 अप्रैल: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगा मतदान।
- 4 मई: सभी राज्यों के चुनाव परिणाम एक साथ घोषित किए जाएंगे।
लोकतंत्र के सबसे बड़े आंकड़े
इस बार का चुनाव प्रबंधन दुनिया के कई देशों की कुल आबादी से भी बड़ा है:
- वोटर: लगभग 17.4 करोड़ मतदाता अपनी नई सरकार चुनेंगे।
- अधिकारी: चुनाव संपन्न कराने के लिए 25 लाख सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
- सुरक्षा: शांतिपूर्ण मतदान के लिए 8.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
- पोलिंग बूथ: देशभर में 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
खास होगा इस बार का चुनाव
इस बार की सबसे बड़ी खबर यह है कि पश्चिम बंगाल में, जहाँ पिछली बार 8 चरणों में लंबी वोटिंग हुई थी, इस बार महज दो चरणों में चुनाव निपटा लिए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि तकनीक और सुरक्षा के बेहतर तालमेल की वजह से यह संभव हो पाया है।
असम, केरल और पुडुचेरी में जहाँ सत्ता बचाने की चुनौती है, वहीं तमिलनाडु और बंगाल में क्षेत्रीय अस्मिता और विकास के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही इन सभी राज्यों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

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