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अभी होली की खुमारी उतरी भी नहीं है कि सूरज ने अपनी तपिश से लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया है। 2026 की शुरुआत से ही मौसम के मिजाज में जो बदलाव दिख रहा था, उसने अब एक डरावना रूप ले लिया है। फरवरी की ऐतिहासिक गर्मी के बाद अब मार्च ने पिछले 15 सालों के रिकॉर्ड को मिट्टी में मिला दिया है।
दिल्ली से लेकर गुजरात तक, ऐसा लग रहा है मानो कुदरत ने अप्रैल और मई की गर्मी को मार्च में ही ‘प्री-बुकिंग’ पर भेज दिया है।
आंकड़े जो हैरान कर रहे हैं
देश के 14 शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर को पार कर गया है।
- दिल्ली की स्थिति: राजधानी के सफदरजंग इलाके में पारा 35.7 डिग्री दर्ज किया गया। यह आंकड़ा सुनने में सामान्य लग सकता है, लेकिन मार्च के पहले 10 दिनों के हिसाब से यह पिछले 50 सालों में सबसे अधिक बढ़ोतरी दिखाने वाले आंकड़ों में से एक है।
- गुजरात और राजस्थान का हाल: अहमदाबाद और राजकोट में सड़कें दोपहर में सूनी होने लगी हैं क्योंकि पारा 41 डिग्री तक पहुंच गया है। बाड़मेर में तो हीटवेव (लू) ने अभी से दस्तक दे दी है।
इतनी जल्दी गर्मी क्यों? विशेषज्ञों का क्या कहना है?
अचानक आई इस गर्मी के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई परिस्थितियां एक साथ जुड़ गई हैं:
- पहाड़ों की बेरुखी: इस साल सर्दियों में पहाड़ों पर वैसी बर्फबारी नहीं हुई जैसी होनी चाहिए थी। ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ के कमजोर होने से ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक नहीं पहुंच पाईं।
- एंटी-साइक्लोन का जाल: राजस्थान और गुजरात के ऊपर एक ऐसा वायुमंडलीय सिस्टम बना है जो गर्म हवाओं को एक जगह रोक कर रख रहा है, जिससे ‘हीट पॉकेट्स’ बन रहे हैं।
आगे क्या? अप्रैल-मई की डरावनी तस्वीर
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यह सिर्फ ट्रेलर है। अगर मार्च की शुरुआत ऐसी है, तो:
- भीषण लू (Severe Heatwave): अप्रैल के मध्य तक उत्तर भारत में लू की लहरें अपने चरम पर हो सकती हैं।
- खेती पर संकट: गेहूं की फसल के लिए यह गर्मी किसी ‘साइलेंट किलर’ से कम नहीं है। समय से पहले गर्मी मिलने से दानों की क्वालिटी और वजन दोनों कम हो सकते हैं।
- पानी की किल्लत: जल स्तर (Water Level) में तेजी से गिरावट आने की संभावना है।
खुद को कैसे बचाएं?
जब मौसम का मिजाज ऐसा हो, तो लापरवाही भारी पड़ सकती है।
- खान-पान: तरबूज, खीरा और ताजे फलों के रस को डाइट में शामिल करें।
- पहनावा: बाहर निकलते समय केवल हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे।
- इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: इस मौसम में फोन और लैपटॉप के ज्यादा गर्म होने का खतरा रहता है, उन्हें सीधे धूप में रखने से बचें।


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