मुंगेली। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी निष्ठावान और समर्पित सेवाएं देने वाले शासकीय हाई स्कूल चमारी के प्राचार्य अश्वनी डिक्सेना के सेवानिवृत्ति के अवसर पर शाला परिवार द्वारा एक भव्य और भावुक सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उनके दीर्घकालिक सेवाकाल और विद्यालय विकास में दिए गए अमूल्य योगदान को याद किया।


दीपक प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ ग्राम के जनप्रतिनिधियों और अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं भारत माता के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके उपरांत, विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य और देशभक्ति गीतों ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने आदरणीय प्राचार्य के प्रति प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त की, जिसकी सभी अतिथियों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के पर्याय रहे अश्वनी डिक्सेना
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अश्वनी डिक्सेना ने अपने संपूर्ण सेवाकाल के दौरान कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और अटूट समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। विद्यार्थियों के प्रति उनका स्नेहिल स्वभाव, शिक्षकों के साथ हमेशा सहयोगात्मक व्यवहार और विद्यालय के शैक्षणिक तथा भौतिक वातावरण को निरंतर बेहतर बनाने के उनके प्रयास सदैव स्मरणीय रहेंगे। उन्होंने न केवल छात्रों को किताबी ज्ञान दिया, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान बनने के संस्कार भी प्रदान किए।
शिक्षकों और सहकर्मियों ने साझा किए अनुभव
शाला परिवार के शिक्षकों ने कहा कि सेवानिवृत्ति शासकीय सेवा की औपचारिक अवधि का अंत है, परंतु यह जीवन के एक नए और स्वतंत्र अध्याय की शुरुआत है। वक्ताओं ने उल्लेख किया कि डिक्सेना का लंबा अनुभव, प्रशासनिक कुशलता और कुशल मार्गदर्शन भविष्य में भी विद्यालय परिवार और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। संकुल चमारी के प्रभारी शेषनारायण गेंदले और सीएससी बृजेश्वर मिश्रा ने उन्हें सेवानिवृत्ति की आत्मीय शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ और मंगलमय जीवन की कामना की। विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों ने उनके साथ बिताए गए वर्षों के अपने संस्मरण साझा करते हुए उनके सरल, सहज, मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व की खुलकर प्रशंसा की।
सम्मान और उपहार भेंट कर दी गई विदाई
कार्यक्रम के अंतिम चरण में शाला परिवार, संकुल के समस्त शिक्षकों और ग्रामवासियों द्वारा प्राचार्य अश्वनी डिक्सेना को शृंगार सामग्री, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह और उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। सभी ने अश्रुपूर्ण नेत्रों और भारी मन से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें विदाई दी। इस गरिमामयी अवसर पर संकुल के सभी विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षिकाएं, ग्रामीणजन और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के शिक्षकों द्वारा किया गया तथा अंत में आभार प्रदर्शन के साथ समारोह का समापन हुआ।

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