रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक तंत्र में एक बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य के आला अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में व्यापक बदलाव किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार, 22 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों और एक भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी की नई पदस्थापना की गई है। इस व्यापक फेरबदल में राज्य के 6 जिलों के कलेक्टर भी बदल दिए गए हैं, जो प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इन सभी पदस्थापनाओं को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक किए जाने की जानकारी दी है।
नगरीय प्रशासन में प्रमुख बदलाव
इस प्रशासनिक सर्जरी में सबसे प्रमुख बदलाव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में देखा गया है। 1999 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी सोनमणि बोरा को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। बोरा के पास विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी यथावत रहेगा।
वहीं, नगरीय प्रशासन विभाग में ही अन्य महत्वपूर्ण बदलावों के तहत, आर. संगीता को नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव पद से हटाकर सचिव, मंत्रालय के पद पर पदस्थ किया गया है। दूसरी ओर, कांकेर कलेक्टर नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का संचालक बनाया गया है। इस पद पर पहले कार्यरत रहे रिमिजियस एक्का को विशेष सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, उन्हें मिशन संचालक, जल जीवन मिशन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
6 जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति
राज्य के 6 जिलों में कलेक्टरों के तबादले किए गए हैं, जो प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं:
गरियाबंद: रणबीर शर्मा (जो पूर्व में संचालक, समाज कल्याण थे) को गरियाबंद का कलेक्टर बनाया गया है।
कांकेर: कुंदन कुमार को मुंगेली कलेक्टर से स्थानांतरित कर कांकेर का नया कलेक्टर बनाया गया है।
मुंगेली: अमृत विकास तोपनो को सक्ती कलेक्टर से स्थानांतरित कर मुंगेली का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
सक्ती: जयश्री जैन (जो पूर्व में संयुक्त सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग थीं) को सक्ती का नया कलेक्टर बनाया गया है।
कबीरधाम: तुलिका प्रजापति को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी कलेक्टर से कबीरधाम का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: तनुजा सलाम (जो पूर्व में संचालक, खेल एवं युवा कल्याण थीं) को इस जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है।
इसके अलावा, जिन कलेक्टरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हुआ है, उनमें गरियाबंद के पूर्व कलेक्टर भगवान सिंह को संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग और कबीरधाम के पूर्व कलेक्टर गोपाल वर्मा को संयुक्त सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदस्थापनाएं
इस बड़े फेरबदल में अन्य विभागों में भी कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गई हैं:
विवेक आचार्य: उनकी सेवाएं उनके पैतृक विभाग, वन विभाग को वापस कर दी गई हैं।
भुवनेश यादव: उन्हें आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
भोसकर विलास संदिपान: इन्हें नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
जगदीश सोनकर: इन्हें विशेष सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग बनाया गया है।
हिना अनिमेष नेताम: इन्हें अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
गजेन्द्र सिंह ठाकुर: इन्हें संचालक, समाज कल्याण का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
रोमा श्रीवास्तव: इन्हें सीईओ, जिला पंचायत सरगुजा नियुक्त किया गया है।
आकांक्षा शिक्षा खलखो: इन्हें उप सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग और संचालक, खेल एवं युवा कल्याण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
लीना कोसम: इन्हें आयुक्त, नगर पालिक निगम दुर्ग बनाया गया है।
सौमिल रंजन चौबे: इन्हें प्रबंध संचालक, पर्यटन मंडल बनाया गया है।
प्रशासनिक दृष्टिकोण और भविष्य की चुनौतियां
यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल राज्य की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने और जिलों में प्रशासनिक गतिशीलता लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए गए इन तबादलों का उद्देश्य प्रमुख विभागों और जिलों में अनुभव का बेहतर सामंजस्य बिठाना है। सोनमणि बोरा जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को प्रमुख जिम्मेदारी देना सरकार की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—नगरीय विकास और नवाचार—पर विशेष ध्यान देने की मंशा को दर्शाता है।
अब सभी नवनियुक्त अधिकारियों के सामने अपने-अपने विभागों और जिलों की चुनौतियों को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से हल करने की जिम्मेदारी होगी। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए इन आदेशों के बाद, राज्य के प्रशासनिक ढांचे में यह बदलाव आने वाले समय में प्रदेश की कार्यसंस्कृति पर क्या प्रभाव डालेगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

The News Related To The News Engaged In The Dainik Samvad Chhattisgarh Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
