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मुंगेली/ छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में इस मानसूनी सीजन में बादलों की जमकर मेहरबानी देखने को मिल रही है। जिलेभर में लगातार हो रही झमाझम बारिश ने पिछले एक दशक के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम की इस सक्रियता से जहां एक ओर किसानों के चेहरों पर खुशी की चमक साफ दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर भू-जल स्तर में भी जोरदार सुधार की उम्मीद बंध गई है। मानसून के इस आक्रामक और सकारात्मक रूप ने अंचल के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है।
10 साल का औसत पीछे छूटा, 699.6 मिमी तक पहुंचा आंकड़ा
नवीनतम मानसूनी आंकड़ों के मुताबिक, 01 जून 2026 से लेकर 10 अगस्त 2026 तक की अवधि के दौरान मुंगेली जिले में औसतन 699.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। खास बात यह है कि पिछले 10 वर्षों की इसी समान अवधि का औसत मात्र 597.6 मिलीमीटर रहा है। एक दशक के औसत आंकड़ों की तुलना में इस बार काफी अधिक पानी बरस चुका है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि इस साल बादलों ने क्षेत्र पर विशेष कृपा बरसाई है। धान की प्रमुख फसलों की रोपाई और उनके विकास के लिए यह पानी बेहद मुफीद साबित हो रहा है।
जरहागांव में सबसे ज्यादा बरसे बदरा सोमवार को जिले की तमाम तहसीलों में बादलों की आवाजाही के बीच कुल 38.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसमें औसत 6.5 मिमी रहा। आज सबसे अधिक मेहरबानी जरहागांव तहसील पर रही, जहां बादलों ने जमकर गोता लगाया और अकेले 18.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी बारिश का दौर जारी रहा:
लालपुर: 9.2 मिमी
मुंगेली: 5.5 मिमी
पथरिया: 4.2 मिमी
लोरमी: 2.0 मिमी
सरगांव: सोमवार को यहां आसमान साफ रहा और कोई वर्षा दर्ज नहीं की गई।
मुंगेली तहसील ने मारी बाजी, अब तक हुई सबसे ज्यादा बारिश
यदि 01 जून से अब तक के पूरे सीजन के तहसीलवार आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए, तो जिले के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की स्थिति बेहद मजबूत नजर आती है। मुंगेली तहसील इस फेहरिस्त में सबसे आगे चल रही है, जहां अब तक सर्वाधिक 801.2 मिमी पानी गिर चुका है, जो कि पिछले दस वर्षों के औसत का पूरे 150 प्रतिशत है।
अन्य तहसीलों में भी बारिश के आंकड़े कम रोमांचक नहीं हैं:
लोरमी तहसील: यहां अब तक 785.7 मिमी (औसत का 144.3%) बारिश दर्ज हो चुकी है।
लालपुर तहसील: इस क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां तेज रहते हुए 778.8 मिमी (औसत का 147.3%) पानी बरसा है।
पथरिया तहसील: यहां भी बादलों ने मेहरबानी दिखाते हुए 775.6 मिमी (औसत का 108%) वर्षा दर्ज कराई है।
जरहागांव तहसील: इस अंचल में अब तक 541.9 मिमी (औसत का 100.9%) बारिश रिकॉर्ड की गई है।
सरगांव तहसील: सूची में सरगांव ऐसा क्षेत्र है जहां तुलनात्मक रूप से कम यानी 509.1 मिमी (औसत का 70.9%) वर्षा हुई है, हालांकि यहां भी मानसून का असर संतोषजनक बना हुआ है।
कृषि और जल स्रोतों के लिए वरदान बनी यह बारिश
मुंगेली मूल रूप से एक कृषि प्रधान जिला है, जहां किसानों की आजीविका पूरी तरह से मानसूनी बारिश और खेतों में पानी की उपलब्धता पर टिकी होती है। ऐसे में पिछले 10 वर्षों के औसत को पार करते हुए लगभग 700 मिमी के करीब पहुंचना कृषि क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मुंगेली, लालपुर और लोरमी जैसी तहसीलों में डेढ़ गुना के आसपास हुई बारिश खरीफ सीजन की फसलों को बंपर पैदावार की ओर ले जाने में पूरी तरह सक्षम है। लगातार हो रही इस बारिश से न सिर्फ खेतों की प्यास बुझ रही है, बल्कि क्षेत्र के तमाम छोटे-बड़े जल स्त्रोत और भू-जल स्तर भी तेजी से रिचार्ज हो रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में पानी की किल्लत की आशंका भी नगण्य हो गई है।

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