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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव (TS बाबा) ने प्रदेश की सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार वर्तमान भाजपा सरकार के कामकाज और कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर बेहद तीखी और बेबाक प्रतिक्रिया दी|एक विशेष साक्षात्कार मे सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की व्यक्तिगत सौम्यता अपनी जगह है, लेकिन शासन के मोर्चे पर सरकार पूरी तरह से पिछड़ चुकी है।
सरकार के कामकाज पर बड़ा हमला: ‘सिर्फ 4 अंक के हकदार’
साक्षात्कार का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा जब सिंहदेव से साय सरकार के प्रदर्शन का आकलन करने को कहा गया। सिंहदेव ने बिना किसी झिझक के सरकार को ‘औसत से कम’ बताया। उन्होंने कहा, “विष्णुदेव साय जी व्यक्तिगत रूप से एक बहुत अच्छे और सुलझे हुए इंसान हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन जब हम सरकार के कामकाज, फाइलों की गति और जनता के बीच योजनाओं की पहुंच की बात करते हैं, तो स्थिति निराशाजनक है। सरकार का प्रदर्शन औसत से भी नीचे है। अगर मुझे रेटिंग देनी हो, तो मैं इस सरकार को 10 में से केवल 4 अंक दूँगा।”
सिंहदेव का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की छवि और सरकार की कार्यप्रणाली के बीच अंतर स्पष्ट कर दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा: क्या कांग्रेस को मिलेगा नया नेतृत्व?
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हार के बाद से ही नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज है। जब सिंहदेव से उनकी भावी भूमिका और प्रदेश अध्यक्ष बनने की अटकलों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही सधे हुए अंदाज में अपनी दावेदारी पेश की।
उन्होंने कहा, “राजनीतिक हलकों में चर्चाएं होना एक अलग बात है। लेकिन जहां तक जिम्मेदारी का सवाल है, अगर पार्टी आलाकमान मुझे प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सेवा करने का अवसर देता है, तो मैं इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। मेरा लक्ष्य संगठन को फिर से खड़ा करना और कार्यकर्ताओं में जोश भरना है।”
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ रिश्तों पर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि उनके और भूपेश के बीच कभी कोई व्यक्तिगत कड़वाहट नहीं रही। वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन उसे निजी दुश्मनी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस की ‘सुस्ती’ और वापसी की चुनौती
राज्य विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस संगठन पर सुस्त होने के आरोप लगते रहे हैं। सिंहदेव ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारा नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक पक्ष सामने रखा।
संगठन का पुनर्गठन: सिंहदेव ने स्वीकार किया कि पार्टी फिलहाल बहुत ज्यादा सक्रिय नहीं दिख रही है, लेकिन इसके पीछे एक प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि संगठन को एक नए ढांचे में ढालने की तैयारी की जा रही है।
विकल्प की राजनीति: उन्होंने कहा, “जनता के बीच कांग्रेस की वापसी तभी संभव है जब हम खुद को भाजपा से बेहतर विकल्प के रूप में साबित करें। हमें जनता का भरोसा फिर से जीतना होगा और बताना होगा कि उनकी समस्याओं का असली समाधान हमारे पास है।”
AI वीडियो विवाद और ‘छोटी मानसिकता’ पर प्रहार
हाल ही में छत्तीसगढ़ की राजनीति में डीपफेक और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए नेताओं के वीडियो बनाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिशें हुई थीं। इस मुद्दे पर सिंहदेव ने सख्त नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा, “सार्वजनिक जीवन में मर्यादाएं होनी चाहिए। इस तरह की चीजें ‘छोटी मानसिकता’ का परिचय देती हैं। तकनीक का उपयोग विकास के लिए होना चाहिए, न कि किसी के चरित्र हनन के लिए। सार्वजनिक जीवन में होने का यह मतलब नहीं है कि किसी के भी बारे में कुछ भी झूठ फैला दिया जाए।”
पार्टी के भीतर खींचतान: ‘यह एक परिवार जैसा है’
कांग्रेस के भीतर होने वाली गुटबाजी और आपसी खींचतान पर सिंहदेव ने बहुत ही परिपक्व जवाब दिया। उन्होंने इसकी तुलना एक बड़े परिवार से की।
“किसी भी बड़े संगठन में जहां कई प्रभावशाली लोग साथ काम करते हैं, वहां मतभेद होना स्वाभाविक है। जहां काम होगा, वहां टकराव भी होगा। जैसे एक परिवार में भाई-भाइयों के बीच बहस होती है, वैसा ही राजनीति में भी होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि रिश्ता खत्म हो गया या हम एक नहीं हैं।”
राजनीतिक विश्लेषण: सिंहदेव के बयान के संकेत
सिंहदेव के इस विस्तृत इंटरव्यू से तीन बड़ी बातें निकलकर सामने आ रही हैं:
आक्रामक विपक्ष: सिंहदेव ने सरकार को 4 रेटिंग देकर यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस अब ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति से बाहर निकलकर आक्रामक रुख अपनाएगी।
नेतृत्व का संदेश: प्रदेश अध्यक्ष बनने की तैयारी दिखाकर उन्होंने दिल्ली दरबार (हाईकमान) को अपनी उपलब्धता का स्पष्ट संकेत दे दिया है।
सकारात्मक राजनीति: मुख्यमंत्री साय की व्यक्तिगत प्रशंसा कर उन्होंने यह भी दिखाया कि वे अभी भी राजनीति में गरिमा और शालीनता को प्राथमिकता देते हैं।

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