मुंगेली। मानवता और सेवा का संकल्प जब दृढ़ हो, तो आपदाएं भी मार्ग नहीं रोक पातीं। मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के रेहूंटा मार्ग स्थित गौशाला के लिए एक ऐसी ही सुखद और बड़ी खबर सामने आई है। हाल ही में आए प्राकृतिक प्रकोप के बाद बेघर हुए गौवंश के लिए नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला मसीहा बनकर सामने आए हैं। उन्होंने गौवंश की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए 9 लाख 53 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत कर शेड निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

आपदा के बीच उम्मीद की किरण: प्रशासन की त्वरित सक्रियता
बीते गुरुवार को मुंगेली और आसपास के क्षेत्रों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। तेज अंधड़ और तूफान ने रेहूंटा मार्ग पर स्थित ‘गौ सेवा धाम‘ द्वारा निर्मित अस्थाई शेड को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। इस प्राकृतिक आपदा के कारण गौशाला में रह रहे सैकड़ों गौवंशों के सिर से छत छिन गई थी। खुले आसमान के नीचे बेबस खड़े इन मूक पशुओं की पीड़ा ने हर किसी को झकझोर दिया था।
हालात की गंभीरता को भांपते हुए गौ सेवा धाम के समर्पित सदस्यों ने तत्काल नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला से संपर्क किया। अध्यक्ष ने न केवल उनकी बात सुनी, बल्कि संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके का मुआयना करने और तत्काल समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
‘युद्ध स्तर’ पर शुरू होगा निर्माण कार्य: ठेकेदार को निर्देश
नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने प्रशासनिक औपचारिकताओं के जाल में फंसने के बजाय, मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने स्वयं के मद से 9,53,000 रुपये की राशि आवंटित की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक बजट घोषणा नहीं है, बल्कि एक मिशन है।
कार्य योजना: अध्यक्ष ने ठेकेदार आनंद मिश्रा को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य आगामी सोमवार से ही ‘युद्ध स्तर’ पर प्रारंभ किया जाए।
लक्ष्य: आगामी मानसून और चिलचिलाती धूप से पहले गौवंशों को एक पक्का और सुरक्षित आश्रय प्रदान करना।
“जब मूक प्राणियों पर संकट आता है, तो समाज और प्रशासन का उत्तरदायित्व दोगुना हो जाता है। हम गौ माता को बेसहारा नहीं छोड़ सकते।” — रोहित शुक्ला, अध्यक्ष, नगर पालिका मुंगेली
गौ-सेवा धर्म और कर्तव्य का संगम
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने भावुक होते हुए कहा कि गौ सेवा किसी पद का दायित्व नहीं, बल्कि हर सनातनी का परम कर्तव्य है। उन्होंने शास्त्रों का संदर्भ देते हुए साझा किया कि हिंदू धर्म में गाय मात्र एक पशु नहीं, बल्कि साक्षात माता का स्वरूप है, जिनके भीतर 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नगर पालिका प्रशासन मुंगेली की हर गौशाला को सुदृढ़ बनाने और गौवंश के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सामूहिक सहभागिता और आभार
इस ऐतिहासिक निर्णय और निरीक्षण के दौरान प्रशासन के प्रमुख स्तंभ भी मौजूद रहे। तहसीलदार कुणाल पाण्डेय और पटवारी आशीष भोई सहित राजस्व विभाग की टीम ने स्थल की वस्तुस्थिति का जायजा लिया।
मुंगेली नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक ने शासन और सेवा के समन्वय की एक नई मिसाल पेश की है। तहसीलदार कुणाल पाण्डेय, पटवारी आशीष भोई, आशीष सिंह क्षत्रिय और प्रमुख नागरिक धीरज पांडे की उपस्थिति में लिए गए निर्णयों ने प्रशासन की संवेदनशीलता को उजागर किया है। विशेष रूप से गौ सेवा धाम के सदस्यों, नानू ठाकुर और मनीष वैष्णव के साथ विचार-विमर्श के बाद नपा अध्यक्ष द्वारा लिया गया त्वरित निर्णय जीव-दया के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे राजनीति से ऊपर उठी हुई ‘सच्ची गौ-सेवा’ बताया है। लोगों का विश्वास है कि इस प्रकार के लोक-कल्याणकारी कार्य मुंगेली की सामाजिक चेतना को जागृत करने और नगर के चहुंमुखी विकास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होंगे। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि समाज के प्रति नैतिक उत्तरदायित्वों के निर्वहन का एक सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

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