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मुंगेली। छत्तीसगढ़ की राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो पदों की लालसा से ऊपर उठकर जनता के दिलों में अपनी सल्तनत कायम करते हैं। आज 30 अप्रैल को मुंगेली की पावन धरा एक ऐसे ही कद्दावर और सर्वप्रिय व्यक्तित्व का जन्मोत्सव मना रही है— हेमेंद्र गोस्वामी। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मुंगेली के हर नागरिक के सुख-दुख के साथी हेमेंद्र गोस्वामी का जन्मदिन आज केवल एक तिथि नहीं, बल्कि मुंगेली के गौरव और सेवा का उत्सव बन गया है।

हर आयोजन के ‘आधार स्तंभ’: छोटे कार्यक्रमों से लेकर भव्य मंचों तक भरपूर सहयोग
हेमेंद्र गोस्वामी की सबसे बड़ी विशेषता, जो उन्हें समकालीन राजनीति में सबसे अलग खड़ा करती है, वह है उनकी ‘सर्वव्यापी उपस्थिति’। मुंगेली नगर में होने वाला शायद ही कोई ऐसा आयोजन हो—चाहे वह किसी मोहल्ले की छोटी सी ‘मानस मंडली’ का कार्यक्रम हो, किसी वार्ड का खेल टूर्नामेंट हो, किसी गरीब परिवार का मांगलिक प्रसंग हो या फिर शहर का कोई विशाल सार्वजनिक उत्सव—हर जगह गोस्वामी जी का भरपूर और निस्वार्थ सहयोग मिलता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हेमेंद्र भैया केवल ‘नाम’ के नेता नहीं हैं, बल्कि वे ‘काम’ के इंसान हैं। किसी को आर्थिक मदद की जरूरत हो या सामाजिक सहयोग की, गोस्वामी जी का हाथ हमेशा मदद के लिए आगे रहता है। उनकी इसी ‘दानदाता’ वाली छवि ने उन्हें मुंगेली का ‘अघोषित अभिभावक’ बना दिया है। वे राजनीति को सेवा का माध्यम मानते हैं और यही वजह है कि मुंगेली का हर छोटा-बड़ा कार्यकर्ता उन्हें अपना सबसे करीबी मानता है।
ऐतिहासिक पल: जब 30 अप्रैल 2023 को मुंगेली बना था साहित्य और सत्ता का संगम
जब भी हेमेंद्र गोस्वामी के जन्मदिन का जिक्र होता है, 30 अप्रैल 2023 की वह ऐतिहासिक तारीख मुंगेली के जेहन में ताज़ा हो जाती है। गोस्वामी जी के प्रयासों से मुंगेली ने वह मंजर देखा जो बड़े-बड़े महानगरों के लिए भी सपना होता है। उस दिन विश्वविख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास की कविताओं की गंगा मुंगेली में बही थी।
उस अविस्मरणीय शाम में तत्कालीन मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल ने विशेष रूप से शिरकत की थी। साहित्य के शिखर पुरुष और सत्ता के शीर्ष नेतृत्व का एक साथ मुंगेली की धरती पर होना, हेमेंद्र गोस्वामी के राजनीतिक रसूख और उनकी गहरी पैठ का सबसे बड़ा प्रमाण था। वह आयोजन आज भी मुंगेली के सांस्कृतिक इतिहास में एक ‘स्वर्णिम अध्याय’ के रूप में दर्ज है।

नगर पालिका के ‘अजेय योद्धा’: 5 साल में 5 बार अध्यक्ष बनने का अनूठा रिकॉर्ड
राजनीति के बिसात पर मोहरे कैसे बिछाए जाते हैं और विषम परिस्थितियों में भी साथियों का विश्वास कैसे जीता जाता है, इसमें हेमेंद्र गोस्वामी को महारत हासिल है। मुंगेली नगर पालिका के इतिहास में यह एक दुर्लभ कीर्तिमान है कि अपने 5 साल के कार्यकाल के दौरान वे लगभग 5 बार नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हुए।
यह उपलब्धि केवल संयोग नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक दूरदर्शिता और पार्षदों के बीच उनकी अटूट साख का नतीजा थी। विरोधियों के चक्रव्यूह को भेदकर बार-बार सत्ता के शिखर तक पहुँचना उन्हें एक ‘सफल रणनीतिकार’ के रूप में स्थापित करता है।
वरिष्ठ नेतृत्व के भरोसेमंद और प्रदेश में ‘मजबूत पकड़’
हेमेंद्र गोस्वामी की गिनती कांग्रेस के उन कद्दावर नेताओं में होती है जिनकी सीधी पहुँच रायपुर के सत्ता केंद्रों तक है। प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके प्रगाढ़ संबंध मुंगेली के विकास कार्यों को हमेशा गति प्रदान करते रहे हैं। वे एक ऐसे लोकप्रिय नेता हैं जिन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। बिना किसी मानद विशेषण या तामझाम के, वे सीधे जनता से संवाद करने में विश्वास रखते हैं, जिससे उनकी स्वीकार्यता हर वर्ग में बढ़ी है।
विधानसभा और लोकसभा की दहलीज पर खड़ा नेतृत्व
वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य में यह साफ दिखाई दे रहा है कि हेमेंद्र गोस्वामी अब बड़ी जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मुंगेली की जनता और उनके समर्थकों के बीच यह मांग अब जोर पकड़ने लगी है कि गोस्वामी जी को अब बड़ी राजनीती का रुख करना चाहिए। जमीनी स्तर पर उनका ‘नेटवर्क’ और हर समाज में उनकी पैठ उन्हें एक ‘अजेय उम्मीदवार’ बनाती है। आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भी कांग्रेस के शीर्ष स्तर पर उनके नाम की चर्चाएं गर्म हैं। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और उनकी संगठनात्मक क्षमता उन्हें एक बड़े फलक का नेता सिद्ध करती है।
समर्थकों का सैलाब और उत्सव का माहौल
आज 30 अप्रैल को सुबह से ही उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। क्या युवा, क्या बुजुर्ग, हर कोई अपने इस लाड़ले नेता को शुभकामनाएं देने पहुँच रहा है। सोशल मीडिया पर भी “हेमेंद्र गोस्वामी ” को लेकर शुभकामनाओं की बाढ़ आई हुई है, जो उनकी लोकप्रियता का सजीव प्रमाण है।

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