RSS में ऐतिहासिक प्रशासनिक सुधार: राज्य प्रचारकों के हाथ में होगी कमान, ज़मीनी कार्यकर्ताओं को मिले पहले से ज्यादा अधिकार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने अस्तित्व के 100 वर्ष पूरे करने के बाद दूसरे दशक की शुरुआत एक बड़े और साहसिक संगठनात्मक सुधार के साथ की है। संघ ने अपने दशकों पुराने ढांचे में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए ‘प्रांत प्रचारक’ के शक्तिशाली पद को समाप्त करने का निर्णय लिया है। 2026 की इस नई व्यवस्था को संघ के भीतर ‘प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण’ का नाम दिया जा रहा है।
संगठनात्मक फेरबदल: ‘वन स्टेट, वन लीडर’ मॉडल
अब तक संघ ने प्रशासनिक सुविधा के लिए बड़े राज्यों को कई प्रांतों (जैसे अवध, काशी, ब्रज आदि) में विभाजित किया हुआ था। नई व्यवस्था के तहत अब इन सभी को एकीकृत कर एक ‘राज्य प्रचारक’ की नियुक्ति की जाएगी।
- निर्णय प्रक्रिया में तेजी: रिपोर्टिंग की लंबी चेन खत्म होने से नागपुर मुख्यालय के निर्देश सीधे राज्य स्तर पर प्रभावी होंगे।
- बेहतर समन्वय: सरकार और संगठन के बीच संवाद के लिए अब कई दरवाजों के बजाय केवल एक ‘राज्य प्रमुख’ होगा।
- ब्यूरोक्रेसी में कमी: क्षेत्र प्रचारकों की भूमिका को भी सीमित किया गया है ताकि ज़मीनी कार्यकर्ताओं पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
निचली इकाइयों का सशक्तीकरण (Decentralization)
संघ का यह नया स्वरूप केवल शीर्ष स्तर तक सीमित नहीं है। इस बार असली ताकत ‘पिरामिड’ के आधार यानी गांव और ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं को दी गई है:
- जिला एवं तहसील कमान: स्थानीय स्तर के कार्यक्रमों और सामाजिक कार्यों के लिए अब जिला इकाइयों को स्वायत्तता (Autonomy) दी गई है।
- डिजिटल शाखाओं पर जोर: देश भर की 83 हजार से अधिक शाखाओं को अब एक डिजिटल डैशबोर्ड से जोड़ा जा रहा है, जिससे रियल-टाइम डेटा का आदान-प्रदान हो सके।
राजनीतिक प्रभाव: यूपी चुनाव 2027 पर नजर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव का सबसे बड़ा असर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। 40 लाख समर्पित स्वयंसेवकों को एक एकीकृत कमान के नीचे लाना किसी भी चुनावी मशीनरी के लिए एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों है।
संघ का यह ‘न्यू लुक’ स्पष्ट संदेश देता है कि वह अपनी परंपराओं का सम्मान करते हुए आधुनिकता के साथ चलने को तैयार है। 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहा संघ अब अधिक चुस्त, अधिक डिजिटल और सीधा संवाद करने वाला संगठन बनने की राह पर है।
- कुल सदस्य: 40 लाख से अधिक।
- सक्रिय शाखाएं: 83,000+।
- नया पद: राज्य प्रचारक (प्रांत प्रचारक की जगह)।
- प्राथमिकता: युवा जुड़ाव और त्वरित निर्णय।


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